Skip to content
Wednesday, 28 October 2026|India
28 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
संभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस का भीषण हादसा, 150 सवार, 20 से अधिक घायल•बेंगलुरु में DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक शरद कटियार की दुखद मौत, पिता की असहाय कोशिश•चक्रवात ‘अर्नब’ का महासंकट: लैंडफॉल से पहले समुद्र का पानी गांव में घुसा, अलर्ट जारी•बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च आज दिल्ली में शुरू•दिवाली-छठ पर नहीं होगी टिकट की मारामारी: उत्तर रेलवे ने 30% बढ़ाई ट्रेनें•चक्रवात अर्नब ने ओडिशा व आंध्र प्रदेश में तेज बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप किया•खुर्जा के होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़: राष्ट्रीय बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने oyo कर्मचारी समेत कई को किया गिरफ्तार•सुप्रीम कोर्ट में ईसीआई के हलफनामे और इंडिया ब्लॉक के ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिकाओं पर आज सुनवाईसंभल में गंगा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस का भीषण हादसा, 150 सवार, 20 से अधिक घायल•बेंगलुरु में DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक शरद कटियार की दुखद मौत, पिता की असहाय कोशिश•चक्रवात ‘अर्नब’ का महासंकट: लैंडफॉल से पहले समुद्र का पानी गांव में घुसा, अलर्ट जारी•बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च आज दिल्ली में शुरू•दिवाली-छठ पर नहीं होगी टिकट की मारामारी: उत्तर रेलवे ने 30% बढ़ाई ट्रेनें•चक्रवात अर्नब ने ओडिशा व आंध्र प्रदेश में तेज बारिश और तेज हवाओं का प्रकोप किया•खुर्जा के होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़: राष्ट्रीय बजरंग दल के हंगामे के बाद पुलिस ने oyo कर्मचारी समेत कई को किया गिरफ्तार•सुप्रीम कोर्ट में ईसीआई के हलफनामे और इंडिया ब्लॉक के ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिकाओं पर आज सुनवाई
विज्ञापन
Home » अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल PLI स्कीम के आंकड़े पेश किए, सब्सिडी से टैक्स व रोजगार तक का पूरा हिसाब
News

अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल PLI स्कीम के आंकड़े पेश किए, सब्सिडी से टैक्स व रोजगार तक का पूरा हिसाब

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 28 Oct 2026• अपडेट 28 Oct 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल PLI स्कीम के आंकड़े पेश किए, सब्सिडी से टैक्स व रोजगार तक का पूरा हिसाब
ब्लूमबर्ग की आईफोन निर्माण पर उठाई गई सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल PLI स्कीम के तहत दी गई सब्सिडी, एकत्रित टैक्स और रोजगार के आंकड़े सार्वजनिक किए,…

ब्लूमबर्ग ने भारत में आईफोन निर्माण की सफलता को लेकर सवाल उठाए थे, यह दावा करते हुए कि भारी सरकारी सब्सिडी के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं। इस पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक आंकड़े साझा कर जवाब दिया, जिससे मोबाइल सेक्टर की वास्तविक तस्वीर सामने आई।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट और उसका विवाद

ब्लूमबर्ग के पत्रकार एंडी मुखर्जी की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के चार में से एक आईफोन अब भारत में बन रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि महंगे आयातित पार्ट्स और सरकारी सब्सिडी के बिना इस उत्पादन को बनाए रखना कठिन होगा, और भारत का मॉडल चीन के समान हो सकता है। यह टिप्पणी भारतीय मीडिया में चर्चा का कारण बनी।

अश्विनी वैष्णव का आंकड़ों पर आधारित जवाब

विरोधी टिप्पणी के जवाब में मंत्री ने मोबाइल PLI (Production Linked Incentive) स्कीम के तहत अब तक दी गई सब्सिडी और उससे प्राप्त राजस्व के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए। उनके ट्वीट में निम्नलिखित प्रमुख आँकड़े सामने आए:

  • सरकारी सब्सिडी (इंसेंटिव): ₹19,000 करोड़
  • डायरेक्ट टैक्स संग्रह: ₹25,000 करोड़
  • GST संग्रह: ₹3,00,000 करोड़
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में रोजगार: 25 लाख लोग
  • मोबाइल निर्माण में रोजगार: 12 लाख लोग

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी, पर बदले में सीधे टैक्स से 25,000 करोड़ रुपये और GST से 3 लाख करोड़ रुपये की आय हुई, यानी निवेश पर कई गुना रिटर्न मिला।

आपके लिए संबंधित खबरें

सब्सिडी बनाम टैक्स रिवेन्यू

सरकारी खर्च को देखते हुए अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या यह खर्च उचित है। वैष्णव ने बताया कि सब्सिडी के बाद भी सरकार ने कुल मिलाकर लगभग ₹3,25,000 करोड़ (डायरेक्ट टैक्स + GST) का राजस्व प्राप्त किया, जो सब्सिडी से लगभग 17 गुना अधिक है। यह आंकड़ा नीति की वित्तीय दक्षता को दर्शाता है।

रोजगार सृजन में मोबाइल सेक्टर की भूमिका

मोबाइल निर्माण ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में लगभग आधे रोजगार प्रदान किए हैं। 12 लाख लोगों को सीधे मोबाइल असेंबली में काम करने का अवसर मिला, जबकि कुल 25 लाख लोग इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में जुड़े हुए हैं। यह रोजगार सृजन न केवल आर्थिक विकास में योगदान देता है, बल्कि कौशल विकास और ग्रामीण-शहरी रोजगार संतुलन में भी मदद करता है।

मुख्य बातें

  • मोबाइल PLI स्कीम के तहत सरकार ने ₹19,000 करोड़ की सब्सिडी दी।
  • इससे सरकार को ₹25,000 करोड़ डायरेक्ट टैक्स और ₹3,00,000 करोड़ GST मिला।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने 25 लाख लोगों को रोजगार दिया, जिसमें मोबाइल निर्माण ने 12 लाख रोजगार प्रदान किए।
  • ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का जवाब वैष्णव ने आंकड़ों के माध्यम से दिया, जिससे नीति की सफलता स्पष्ट हुई।

इन आँकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारत का मोबाइल निर्माण मॉडल न केवल विदेशी निवेश को आकर्षित कर रहा है, बल्कि घरेलू उत्पादन, टैक्स रिवेन्यू और रोजगार सृजन के मामले में भी सफल सिद्ध हो रहा है। भविष्य में इस स्कीम के विस्तार से और अधिक कंपनियों को भारत में उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, जिससे ‘Make in India’ की दिशा में और गति मिलेगी।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *