अंकिता भंडारी हत्याकांड: उम्रकैद के बावजूद परिजन का फांसी का दावा, राहुल गांधी का इंडिया गेट पर आगमन
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अंकिता भंडारी के हत्याकांड ने फिर से राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। देह व्यापार के विरोध में 2022 में हुई इस हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, परंतु परिजन इसे अधूरा न्याय मानते हुए फांसी की मांग कर रहे हैं। इस संदर्भ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इंडिया गेट पर धरने पर बैठे परिजनों से मुलाकात की।
मामले की पृष्ठभूमि
अंकिता भंडारी, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली, ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में स्थित होटल वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थी। सितंबर 2022 में वह होटल के लिए घर से निकली, लेकिन ड्यूटी के बाद वापस नहीं लौटी। दो दिन बाद उसका शव चीला नहर में मिला, जिससे हत्या का मामला दर्ज हुआ।
हत्या के कारण
जांच में पता चला कि होटल के मालिक ने अंकिता को जबरन देह व्यापार में धकेलने की कोशिश की। जब उसने इस प्रस्ताव को ठुकराया, तो उसे मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने चार्जशीट में हत्या, साक्ष्य मिटाना और अनैतिक देह व्यापार के आरोप लगाए।
कोर्ट की सुनवाई और सजा
पौड़ी गढ़वाल की जिला अदालत ने पिछले साल मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, साथियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलकित आर्य अल्मोड़ा जेल में हैं, जबकि अंकित गुप्ता देहरादून और सौरभ भास्कर टिहरी जेल में बंद हैं।
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परिजनों का विरोध
परिजन का मानना है कि उम्रकैद की सजा अधूरा न्याय है। उन्होंने फांसी की मांग की और इंडिया गेट पर धरने पर बैठकर पूर्ण न्याय की माँग की। उनका आरोप है कि इस मामले को राजनीतिक दबाव के कारण शुरू से ही दबाने की कोशिश की गई।
मुख्य आरोप
- मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य उत्तराखंड बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है।
- विनोद आर्य को पार्टी से बाहर कर दिया गया था, परंतु परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
- अंकिता की माँ सोनी देवी ने कहा कि हत्यारों ने उनकी ज़िंदगी को नरक बना दिया।
राहुल गांधी का आगमन
बुधवार को राहुल गांधी ने परिजनों से मिलने के लिए इंडिया गेट पर पहुँचे। उनका यह दौरा मामले को फिर से राष्ट्रीय चर्चा में लाया और परिजनों की मांगों को सुना गया।
परिणाम और आगे की संभावनाएँ
राहुल गांधी की मुलाकात के बाद परिजन ने सीबीआई जांच की पुनः मांग की है। अभी तक इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। मामला अभी भी न्यायिक प्रक्रिया में है और आगे की सुनवाई के साथ नई जानकारी सामने आ सकती है।
मुख्य बातें
- अंकिता भंडारी की हत्या 2022 में हुई, जब वह देह व्यापार के विरोध में थी।
- मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
- परिजन फांसी की मांग कर इंडिया गेट पर धरने पर बैठे।
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने परिजनों से मुलाकात की।
- परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि मुख्य आरोपी का संबंध बीजेपी के प्रभावशाली नेता से है।




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