हमीरपुर में 3 साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या, परिजनों ने पुलिस गाड़ियां तोड़ी
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उत्तरी प्रदेश के हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के कई वाहनों को तोड़‑फोड़ किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
घटना का विवरण
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी लगभग 40 वर्ष के एक युवक ने उसे “घुमाने” के बहाने अपने साथ ले लिया। कुछ देर बाद बच्ची की मौत की खबर सामने आई, जिससे परिवार में चीख‑पुकार और गुस्सा छा गया। परिजनों ने युवक पर दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या का गंभीर आरोप लगाया।
आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलने पर मुस्करा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर हिंसा और तोड़‑फोड़
बच्ची की मौत की खबर सुनते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। कई ग्रामीणों ने पुलिस के आधा दर्जन वाहनों, जिनमें सीओ राठ की गाड़ी, राठ कोतवाली, जलालपुर थाना, बिवांर थाना और डायल 112 की गाड़ियां शामिल थीं, को पथराव और तोड़‑फोड़ किया। पुलिस ने लाठियों से भीड़ को दूर धकेला और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
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पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी मृगांक शेखर पाठक ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने बताया कि परिजनों से मिली तहरीर के आधार पर FIR दर्ज की गई है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। एसपी ने सख्त चेतावनी दी कि इस जघन्य अपराध और हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
- हमीरपुर के मुस्करा थाना में 3 साल की बच्ची की हत्या हुई।
- लगभग 40 वर्ष के युवक को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा।
- पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
- परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के आधा दर्जन वाहनों को पथराव और तोड़‑फोड़ किया।
- एसपी मृगांक शेखर पाठक ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
- फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, FIR दर्ज, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने यूपी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में शीघ्र और कठोर कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी जघन्य घटनाओं को रोका जा सके।




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