पंजाब में ड्रग‑माफिया विरोधी एक्टिविस्ट की हत्या पर नितिन नबीन ने AAP सरकार पर की कड़ी आलोचना
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पंजाब के मानसा में ड्रग‑माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी, जबकि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस हत्या को AAP सरकार की ‘खराब कानून‑व्यवस्था’ का प्रमाण कहा।
हत्याकांड की पृष्ठभूमि
परविंदर सिंह झोटा, जो मानसा में ड्रग‑सेल्स को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय थे, 23 मार्च को एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर मारे गए। रिपोर्टों के अनुसार, झोटा उस दुकान के मालिक से ड्रग्स की बिक्री को लेकर बहस कर रहे थे, जब दो शॉट्स ने उन्हें मार डाला। इस गोलीबारी में झोटा के चार साथियों को भी चोटें आईं।
पुलिस की कार्रवाई
हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अभी तक हत्यारे की पहचान या मंशा के बारे में कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया गया है। पुलिस ने घटना स्थल पर फोरेंसिक जांच की और संभावित गवाहों से बयान ले रहे हैं।
नितिन नबीन का बयान
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस घटना को लेकर AAP सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “ड्रग‑माफिया से लड़ने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब में कौन सुरक्षित है?” नबीन ने यह भी कहा कि AAP ने ‘ड्रग‑मुक्त पंजाब’ का वादा किया था, पर अब जो लोग ड्रग‑विरोधी आवाज़ उठाते हैं, वे भी खतरे में हैं। उनका तर्क है कि यह प्रशासन की गंभीर विफलता है और पंजाब के लोगों को जवाबदेही की माँग करनी चाहिए।
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परिवार और समर्थकों की प्रतिक्रिया
परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अंतिम संस्कार से पहले ही कार्रवाई की मांग की। झोटा के पिता ने AAP विधायक विजय सिंगला और पंजाब सरकार पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया, परन्तु इन आरोपों की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
ड्रग‑माफिया विरोधी आवाज़ों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना पंजाब में ड्रग‑विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर नई चिंता उत्पन्न करती है। राज्य में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग, विशेषकर युवाओं में, को लेकर लगातार चेतावनी जारी रहती है। इस हत्या से यह सवाल उठता है कि ड्रग‑सेल्स के आरोपों की जांच कैसे की जाती है और सूचना देने वालों को किस तरह की सुरक्षा मिलती है।
मुख्य बातें
- परविंदर सिंह झोटा, ड्रग‑माफिया विरोधी एक्टिविस्ट, मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर मारे गए।
- हत्याकांड में झोटा के चार साथियों को भी चोटें आईं।
- पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी; अभी तक हत्यारे की पहचान नहीं हुई।
- बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने AAP सरकार को ‘कानून‑व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति’ का दोषी ठहराया।
- झोटा के परिवार और समर्थकों ने डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
- घटना ने पंजाब में ड्रग‑विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर नई चिंता उत्पन्न की।
आगे की संभावनाएँ
जांच के परिणामों के आधार पर पुलिस को हत्यारे को न्याय के कटघरे में लाना होगा। साथ ही, राज्य सरकार को ड्रग‑विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीतियाँ बनानी होंगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। नितिन नबीन के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है, और यह देखना बाकी है कि AAP सरकार इस दबाव का कैसे जवाब देती है।




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