आयुष म्हात्रे की फिर से हैमस्ट्रिंग चोट, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवालों की लहर
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मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी खेलते हुए आयुष म्हात्रे ने फिर से हैमस्ट्रिंग की चोट झेली, जिससे भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के उपचार प्रक्रिया पर सवालों की लहर उठी है। यह घटना केवल पाँच महीने बाद आई, जब खिलाड़ी को पहले ही आईपीएल 2026 में समान चोट से उबर कर मैदान पर लौटना पड़ा था।
चोट का क्रम और पृष्ठभूमि
आयुष म्हात्रे को पहली बार 18 अप्रैल 2026 को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते समय बाईं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव हुआ था। यह चोट सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में रन बनाते समय लगी थी, जिससे वह आईपीएल के शेष मैचों से बाहर हो गए। चोट के बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पुनर्वास किया और जून 2026 में विराट कोहली के साथ भी COE में दिखाई दिए। कुल मिलाकर पाँच महीने का रिहैबिलिटेशन अवधि तय करने के बाद वह फिर फिट होकर मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी में शामिल हुए।
रणजी ट्रॉफी में फिर चोट
रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में, जहाँ मुंबई ने चंडीगढ़ के खिलाफ खेला, आयुष ने 48 रन बनाकर अच्छी पारी खेली। लेकिन पारी के बाद वह फील्डिंग नहीं कर पाए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने फिर से हैमस्ट्रिंग में चोट महसूस की और ड्रेसिंग रूम में ही रुक गए। मैच के दौरान उन्होंने फील्डिंग नहीं की, न ही पहली पारी में और न ही दूसरी पारी में। इस घटना ने तुरंत ही BCCI के COE की चिकित्सा प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
मुख्य बातें
- आयुष म्हात्रे को 18 अप्रैल 2026 को आईपीएल में बाईं हैमस्ट्रिंग की चोट लगी थी।
- चोट के बाद उन्होंने BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पाँच महीने का रिहैबिलिटेशन पूरा किया।
- रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में 48 रन बनाने के बाद फिर से हैमस्ट्रिंग में चोट महसूस हुई।
- इस बार भी वह फील्डिंग नहीं कर पाए, जिससे COE के उपचार की प्रभावशीलता पर सवाल उठे।
- पहले भी वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, हार्दिक पंड्या, हर्षिता राणा जैसे खिलाड़ियों को COE से बाहर आकर चोटें लगी थीं।
BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर उठते सवाल
आयुष की दोहराई गई चोट ने यह प्रश्न उठाया कि क्या COE ने उपचार में जल्दबाजी की या पुनर्वास प्रक्रिया पर्याप्त नहीं थी। पिछले मामलों में भी समान शिकायतें सामने आई हैं, जहाँ खिलाड़ियों को COE से बाहर आकर फिर से चोटें लगीं। विशेषज्ञों का मानना है कि हैमस्ट्रिंग जैसी मांसपेशीय चोटों में पूर्ण पुनरुद्धार के लिए व्यक्तिगत प्रोटोकॉल और लम्बी निगरानी आवश्यक होती है।
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भविष्य की संभावनाएँ और टीम की स्थिति
मुंबई टीम को अब आयुष के बिना फील्डिंग विकल्पों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। यदि वह जल्द ही पूरी तरह से ठीक नहीं होते, तो टीम को मध्य क्रम में वैकल्पिक बल्लेबाजों को तैयार रखना पड़ेगा। साथ ही, BCCI को COE की पुनर्वास प्रक्रियाओं की समीक्षा करके खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
निष्कर्ष
आयुष म्हात्रे की फिर से हुई हैमस्ट्रिंग चोट न केवल व्यक्तिगत खिलाड़ी के करियर पर असर डालती है, बल्कि BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि चोटों के बाद पूर्ण पुनरुद्धार के लिए समय और उचित निगरानी अनिवार्य है, ताकि भविष्य में दोहराव से बचा जा सके।




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