9-10 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब की दुकानें, CJP के ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले बड़ा फैसला
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दिल्ली सरकार ने 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी में सभी लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को ‘दिल्ली चलो’ मार्च और जंतर-मंतर पर संभावित प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है।
बंद रहने का आदेश और कारण
दिल्ली के एक्साइज, एंटरटेनमेंट और लग्जरी टैक्स विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों और दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर 9‑10 अक्टूबर को सभी लाइसेंसी रिटेल शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। यह निर्णय सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और संभावित प्रदर्शन के दौरान भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
CJP के चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन चल रहे हैं। पार्टी ने 2 अक्टूबर से विभिन्न राज्यों में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)’ को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की योजना है, जिसके कारण दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
मुख्य बातें
- 9‑10 अक्टूबर को दिल्ली में सभी लाइसेंसी शराब की दुकानें बंद रहेंगी।
- दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर किसी भी बिना अनुमति वाली सभा को रोकने की चेतावनी दी है।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 11,000 अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे, कुल 26,000 तक पहुँचेंगे।
- उत्तरी‑पूर्वी दिल्ली और शाहदरा बॉर्डर, तथा दक्षिण‑पश्चिम दिशा में राजस्थान के प्रवेश मार्गों पर विशेष निगरानी और बैरिकेडिंग की जाएगी।
- शैक्षणिक संस्थानों और पेइंग गेस्ट (PG) संचालकों से छात्रों को प्रदर्शन में भाग लेने से रोकने की अपील की गई है।
सुरक्षा तैनाती और पुलिस की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में लगभग 11,000 अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात किए जा रहे हैं। यह 2020 के उत्तर‑पूर्वी दिल्ली दंगों के बाद की सबसे बड़ी तैनाती में से एक होगी। कुल मिलाकर, दिल्ली में केंद्रीय बलों की संख्या लगभग 26,000 हो जाएगी।
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दिल्ली पुलिस ने प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग की है और शहरी सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए स्टेशन हाउस ऑफिसर्स (SHOs) को निर्देश दिए हैं कि वे आपराधिक मामलों में शामिल लोगों पर नजर रखें और नई दिल्ली जिले की ओर जाने वाली बसों की निगरानी करें।
पुलिस की अपील और सामाजिक प्रतिक्रिया
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे बिना अनुमति वाली सभाओं में भाग न लें। सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शनकारियों को यह संदेश दिया गया है कि यदि उन्हें कहीं रोका जाए तो वे वहीं बैठ जाएँ, ताकि किसी बड़े जमावड़े को रोका जा सके। शैक्षणिक संस्थानों और पीजी हॉस्टलों को भी छात्रों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की चेतावनी दी गई है।
‘दिल्ली चलो’ का आह्वान
CJP ने 10 अक्टूबर को ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन का आह्वान किया है, जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। AISA, वामपंथी दलों और कई सिविल सोसाइटी संगठनों ने 2 अक्टूबर से प्रदर्शन शुरू किए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी पिछले दो दिनों से दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शराब की दुकानों को बंद करने और सुरक्षा बलों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम CJP के ‘दिल्ली चलो’ मार्च की संभावित अस्थिरता को देखते हुए उठाया गया है, जिससे राजधानी में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। नागरिकों से अनुरोध है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति वाली सभाओं में भाग लेने से बचें।




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