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15 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर 0.4% MDR: छोटे व्यापारियों पर क्या असर?

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 03 Oct 2026• अपडेट 03 Oct 2026• 1 views
15 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर 0.4% MDR: छोटे व्यापारियों पर क्या असर?
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। यह नियम छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ा सकता है और कैश भुगतान की…

15 अक्टूबर 2026 से UPI के माध्यम से किए जाने वाले बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नया Merchant Discount Rate (MDR) लागू होगा। इस बदलाव से ₹2,000 से अधिक के पेमेंट पर 0.4% शुल्क लगेगा, जबकि छोटे लेन‑देन और P2P ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।

नया MDR नियम – मुख्य बिंदु

  • ₹2,000 तक के सभी UPI मर्चेंट पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
  • ₹2,000 से ऊपर के चयनित ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।
  • ₹75,000 या उससे अधिक के पेमेंट पर अधिकतम शुल्क ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रहेगा।
  • लगभग 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन इस नियम से बाहर रहेंगे।
  • ग्राहकों से सीधे MDR नहीं वसूला जाएगा; यह पेमेंट इकोसिस्टम के विभिन्न पक्षों के बीच वितरित होगा।

छोटे व्यापारियों पर संभावित प्रभाव

नियम का मुख्य उद्देश्य पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत को स्थायी बनाना है, परंतु छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई व्यापारी अपने थोक सप्लायर को ₹2,000 से अधिक का भुगतान करता है, तो उसे 0.4% MDR देना पड़ेगा। इस अतिरिक्त लागत को वह खुद वहन कर सकता है, कीमत में वृद्धि कर सकता है या ग्राहक से कैश भुगतान की मांग कर सकता है।

अंडा विक्रेता का उदाहरण

एक अंडा विक्रेता ने बताया कि 15 अक्टूबर के बाद वह अपने थोक विक्रेता से बड़े भुगतान के लिए कैश लाने को कहेगा, क्योंकि डिजिटल भुगतान पर MDR लगने से उसकी लागत बढ़ सकती है। यह उदाहरण दर्शाता है कि छोटे स्तर के व्यापारी कैसे व्यवहार बदल सकते हैं।

ग्राहकों को क्या बदलना पड़ेगा?

सामान्य UPI उपयोगकर्ता को इस बदलाव से सीधे कोई चार्ज नहीं मिलेगा। ₹2,000 तक के दैनिक खर्च, किराना, बिल भुगतान आदि सभी मुफ्त रहेंगे। केवल बड़े भुगतान, जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, थोक खरीद या बड़े बिलों पर ही 0.4% शुल्क लागू होगा।

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सरकार और वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि MDR न तो टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क। यह शुल्क पेमेंट सिस्टम के विभिन्न भागीदारों – बैंकों, पेमेंट ऐप्स और तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं – के बीच वितरित किया जाता है। इसलिए ग्राहक को सीधे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं दिखेगा।

भविष्य में क्या उम्मीद की जा सकती है?

नया MDR नियम लागू होने के बाद बाजार में दो संभावनाएँ उभर सकती हैं:

  1. छोटे व्यापारी बड़े भुगतान के लिए कैश को प्राथमिकता देंगे, जिससे नकदी प्रवाह में वृद्धि हो सकती है।
  2. डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म अपने शुल्क मॉडल को समायोजित कर सकते हैं या छोटे व्यापारियों को विशेष रियायतें दे सकते हैं।

इन दोनों परिदृश्यों का वास्तविक प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होगा, जब व्यापारी और ग्राहक दोनों नई लागत संरचना के साथ व्यवहार करेंगे।

मुख्य बातें

  • 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होगा।
  • ₹2,000 तक के सभी UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।
  • लगभग 96% छोटे व्यापारियों पर यह शुल्क नहीं पड़ेगा।
  • बड़े भुगतान में लागत बढ़ने पर व्यापारी कैश भुगतान की मांग कर सकते हैं।
  • MDR ग्राहक से सीधे नहीं वसूला जाता, बल्कि पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर वितरित होता है।
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