वैभव सूर्यवंशी को बेंच पर बिठाने पर कृष श्रीकांत की तीखी आलोचना
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न्यूजीलैंड के खिलाफ टु‑डायमेंशन (टी20) सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को केवल दो मैचों में मौका मिला, जबकि अंतिम मैच में उसे बेंच पर ही रखा गया। इस निर्णय पर पूर्व भारतीय कप्तान कृष श्रीकांत ने तीखी आलोचना की और टीम मैनेजमेंट से स्पष्टता की मांग की।
श्रीकांत की मुख्य शिकायतें
श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि सूर्यवंशी को “तीन ओपनरों को स्पष्टता” देनी चाहिए थी, यानी उसे कम से कम तीन लगातार मैचों में खेलने का अवसर देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सीरीज का नतीजा तय होने के बाद भी आखिरी टी20 में बल्लेबाजी क्रम में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि गेंदबाजी में परिवर्तन किए। इस कारण सूर्यवंशी फिर से बेंच पर रह गया।
आईपीएल में चमक, अंतरराष्ट्रीय अवसर कम
वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार आईपीएल सीजन के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाई थी। पिछले साल की टुर्नामेंट में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल था और इस साल भी उसने 15 साल की उम्र में 776 रन बनाए, जिसमें कई बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमणों के खिलाफ प्रदर्शन शामिल है। इन आँकड़ों के बावजूद चयनकर्ता ने उसे निरंतर अंतरराष्ट्रीय मैचों में नहीं खेलाया।
आयरलैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में मौका नहीं मिला
भारत ने सूर्यवंशी को यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर साथ रखा, लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उसे एक भी अवसर नहीं दिया गया। दोनों मैचों में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने ओपनिंग की थी। श्रीकांत का मानना है कि आयरलैंड और वेस्टइंडीज जैसी कमजोर गेंदबाजी इकाइयों के खिलाफ सूर्यवंशी को खेलाना उसके विकास के लिए उपयुक्त होता।
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वनडे टीम में जगह की मांग
श्रीकांत ने यह भी कहा कि सूर्यवंशी का प्रदर्शन सभी फॉर्मेट में लगातार रहा है, इसलिए उसे भारत की वनडे टीम में जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “वैभव हर स्तर पर रन बना रहा है, आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाए, और वह एक बेहद टैलेंटेड लड़का है।”
मुख्य बातें
- वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड टी20 सीरीज में केवल दो मैचों में मौका मिला, अंतिम मैच में बेंच पर रहे।
- पूर्व कप्तान कृष श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट की चयन नीति पर सवाल उठाए और स्पष्टता की मांग की।
- सूर्यवंशी ने आईपीएल में दो सीजन में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।
- आयरलैंड और वेस्टइंडीज सीरीज में उसे कोई मौका नहीं मिला, जबकि वह 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय अनुभव के योग्य था।
- श्रीकांत ने सूर्यवंशी को वनडे टीम में जगह देने की सिफारिश की।
भविष्य में यदि भारतीय टीम युवा प्रतिभाओं को निरंतर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलने का अवसर देगी, तो वैभव सूर्यवंशी जैसे उभरते सितारे अपने टैलेंट को पूरी तरह से प्रदर्शित कर सकेंगे।




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