UP राज्यसभा चुनाव: BJP ने 8 उम्मीदवार, SP का तीसरा प्रत्याशी अभी रहस्य
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उत्तर प्रदेश में 25 नवंबर को समाप्त होने वाले दस राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल के बाद, राज्यसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। भाजपा ने आठ उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी, जबकि सपा ने दो उम्मीदवारों का नामांकन पहले ही करवा लिया है। अब अखिलेश यादव के तीसरे प्रत्याशी के निर्णय और संख्याबल की गणना चुनाव के परिणाम को निर्धारित करेगी।
भाजपा की उम्मीदवार सूची
भाजपा ने कुल आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। यह सूची पार्टी के भीतर संख्याबल को मजबूत करने और सात सीटें सीधे जीतने की रणनीति को दर्शाती है। हालांकि, उम्मीदवारों के व्यक्तिगत नाम स्रोत में नहीं दिए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि पार्टी ने अपने समर्थन आधार को विस्तृत करने के लिए विविध क्षेत्रों से उम्मीदवार चुने हैं।
सपा के दो नामांकित उम्मीदवार
सपा ने पहले ही दो वरिष्ठ नेताओं को उम्मीदवार बनाया है:
- राम गोपाल यादव – पार्टी के वरिष्ठ नेता
- धनराज परिमल नाथवानी – रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी
दोनों ने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि अखिलेश यादव ने संख्याबल पूरा होने पर तीसरा उम्मीदवार पेश करने का संकेत दिया था। चांद ने यह नहीं बताया कि तीसरा उम्मीदवार कौन होगा, पर उन्होंने कहा कि यह मंगलवार को नामांकन करेगा।
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अखिलेश यादव की तीसरी चाल
अखिलेश यादव ने पहले कहा था कि संख्याबल पूरा होने के बाद ही सपा तीसरा प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि कुछ समर्थक वापस आना चाहते हैं, जिससे संख्याबल में वृद्धि हो सकती है। यदि सपा तीसरा उम्मीदवार प्रस्तुत करती है, तो कुल प्रत्याशियों की संख्या 11 हो जाएगी, जिससे मतदान प्रक्रिया अनिवार्य हो जाएगी।
वर्तमान में यदि प्रत्याशियों की संख्या केवल आठ (भाजपा) और दो (सपा) तक सीमित रहती है, तो सभी दस उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे, क्योंकि नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। इस स्थिति में सपा के दो उम्मीदवारों की सीटें सुरक्षित मानी जा सकती हैं, जबकि तीसरा उम्मीदवार तोड़‑जोड़ और क्रॉस‑वोटिंग का जोखिम पैदा करेगा।
संख्याबल और वोटिंग का खेल
भाजपा के पास सीधे तौर पर सात सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है। सपा के दो उम्मीदवारों की सीटें पहले से ही सुरक्षित हैं, पर तीसरे उम्मीदवार के आने से संख्याबल का संतुलन बदल सकता है। यदि सपा का तीसरा प्रत्याशी नामांकित हो जाता है, तो दोनों पार्टियों को अपने‑अपने समर्थन आधार को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त गठबंधन या क्रॉस‑वोटिंग की रणनीति अपनानी पड़ेगी।
मुख्य बातें
- भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों की सूची जारी की।
- सपा ने दो उम्मीदवार (राम गोपाल यादव, धनराज परिमल नाथवानी) का नामांकन कर दिया है।
- अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी पेश करने का संकेत दिया, पर अभी तक नाम नहीं बताया गया।
- नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर; यदि केवल 10 उम्मीदवार रहेंगे तो सभी निर्विरोध चुने जाएंगे।
- भाजपा के पास सात सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल है; सपा के दो उम्मीदवारों की सीटें पहले से सुरक्षित।
- तीसरा प्रत्याशी आने पर तोड़‑जोड़ और क्रॉस‑वोटिंग का जोखिम बढ़ेगा।
आगे क्या हो सकता है?
मंगलवार को सपा का तीसरा उम्मीदवार नामांकित करेगा या नहीं, यह अभी अनिश्चित है। यदि नामांकन हो जाता है, तो 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान में दोनों पार्टियों को अपने‑अपने समर्थन आधार को पुनः व्यवस्थित करना पड़ेगा। इस बीच, भाजपा और सपा दोनों ही अपने‑अपने गठबंधन पार्टियों से अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव का परिणाम उत्तर प्रदेश की सियासत में आगे के कई निर्णयों को प्रभावित करेगा, विशेषकर राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की दिशा और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति।




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