UP PET 2026 में दूरस्थ परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थियों की बढ़ी परेशानियाँ
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की PET‑2026 परीक्षा में 35 लाख 41 हजार 296 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, परंतु कई उम्मीदवारों को 470 किमी से 650 किमी दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने से यात्रा खर्च, टिकट की उपलब्धता और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बातें
- 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने PET‑2026 के लिए आवेदन किया।
- प्रांत के 60 जिलों में कुल 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए।
- जौनपुर के सिद्धार्थ सिंह को 520 किमी दूर मैनपुरी, प्रयागराज के मोहम्मद रहमान को 650 किमी दूर गाज़ियाबाद, प्रतापगढ़ के हिमांशु पांडेय को 470 किमी दूर फिरोज़ाबाद, और पीलीभीत के आरके मौर्य को 240 किमी दूर बिजनौर में केंद्र मिला।
- एक छात्र का यात्रा, भोजन और ठहराव खर्च लगभग ₹2,000 तक पहुँच सकता है; महिला अभ्यर्थियों के साथ परिजन जाने पर कुल खर्च ₹3,500‑₹4,000 तक बढ़ सकता है।
- कन्फर्म टिकट न मिलने से कई अभ्यर्थियों को बस या ट्रेन बदलकर यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे परीक्षा से पहले एक दिन पहले पहुँचने की दबाव बढ़ रहा है।
- आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने बताया कि केंद्र आवंटन ऑटोमेशन (कंप्यूटर‑आधारित) के माध्यम से किया गया, क्योंकि पूर्वांचल में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक और केंद्र सीमित हैं।
दूरस्थ केंद्रों से उत्पन्न समस्याएँ
अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के बीच अब उन्हें लंबी यात्रा, टिकट बुकिंग और ठहराव की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जौनपुर के सिद्धार्थ सिंह को 520 किमी दूर मैनपुरी जाना होगा, जबकि प्रयागराज के मोहम्मद रहमान को 650 किमी दूर गाज़ियाबाद में परीक्षा देनी है। प्रतापगढ़ के हिमांशु पांडेय ने कहा कि वह रोजाना 18 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं, पर अब रातभर यात्रा की चिंता उनका मनोबल घटा रही है।
पीलीभीत के आरके मौर्य को 240 किमी दूर बिजनौर तक ट्रेन से पाँच घंटे लगते हैं, और फिर परीक्षा केंद्र तक स्थानीय परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। इन सभी खर्चों को जोड़ते हुए कई छात्रों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बोझ बहुत बड़ा है।
आयोग की प्रतिक्रिया
आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने कहा, “उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है, जिसकी लंबाई लगभग 1,100 किमी है। पूर्वांचल के जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है, जबकि वहाँ परीक्षा केंद्र सीमित हैं। इसलिए जरूरत के अनुसार केंद्र आवंटित किए गए हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र आवंटन ऑटोमेशन यानी कंप्यूटर‑आधारित प्रणाली से किया गया, जिसका उद्देश्य नकल रोकना और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा सुगम बनाना है।
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विशेष प्रावधान
आयोग ने बताया कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले में केंद्र दिया गया है, जबकि सुरक्षा कारणों से महिला अभ्यर्थियों को मंडल के दूसरे शहरों में केंद्र आवंटित किए गए हैं। पुरुष अभ्यर्थियों को अन्य मंडलों में केंद्र दिए गए हैं।
परीक्षा का समय‑सारणी
UP PET‑2026 परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित होगी। परीक्षा तीन दिनों तक, प्रतिदिन दो शिफ्ट में कराई जाएगी।
“हम समझते हैं कि दूरस्थ केंद्रों से यात्रा की कठिनाइयाँ अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, परंतु ऑटोमेशन प्रणाली के बिना बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को एक साथ परीक्षा देना संभव नहीं है,” आयोग के अध्यक्ष ने कहा।




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