UK-इंडिया ट्रेड पैक्ट से स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में पहली बार 10‑15% की कटौती
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भारत‑UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के बाद पहली बार स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, J&B जैसे प्रमुख ब्रांड्स की कीमतें महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख बाजारों में 10‑15% तक कम हुई हैं। यह कटौती टैरिफ में कमी और राज्य‑स्तर के मूल्य निर्धारण निर्णयों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
मुख्य बातें
- UK‑India FTA के तहत स्कॉच पर टैरिफ 150% से घटकर 75% किया गया; अगले 10 वर्षों में 40% तक घटेगा।
- डियाजियो की 750 ml जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल अब लगभग ₹3,800 में उपलब्ध, पहले ₹4,250 थी।
- J&B की कीमत अब लगभग ₹1,700, पहले ₹2,300 थी।
- कटौती का मुख्य कारण टैरिफ में कमी के साथ राज्य‑विशिष्ट प्राइसिंग स्ट्रक्चर और व्यावसायिक निर्णय हैं।
- भविष्य में भारतीय सिंगल माल्ट ब्रांड्स (अमृत, पॉल जॉन, रामपुर) को भी प्रतिस्पर्धी कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।
टैरिफ में बदलाव और कीमतों पर असर
UK‑India एग्रीमेंट के तहत ब्रिटिश स्कॉच पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) आधा कर दिया गया है। वर्तमान में टैरिफ 75% है, जबकि पहले 150% था। इस कमी के बावजूद रिटेल कीमतों में पूरी तरह से समानुपाती गिरावट नहीं देखी गई, क्योंकि अंतिम कीमत में राज्य की एक्साइज ड्यूटी, विभिन्न कर, वितरण लागत और मार्जिन भी शामिल होते हैं। डियाजियो ने अनुमान लगाया था कि राष्ट्रीय स्तर पर औसत कीमतें 7‑9% तक घट सकती हैं, पर कुछ राज्यों में 10‑15% की कटौती देखी गई।
राज्य‑स्तर के निर्णय
कई राज्यों ने कंपनियों द्वारा प्रस्तुत कम कीमतों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश, जो भारत के सबसे बड़े व्हिस्की‑खपत वाले राज्य हैं, में यह कटौती पहले से लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसी दिशा में कदम उठाने की संभावना है।
भारतीय सिंगल माल्ट पर संभावित प्रभाव
‘Spiritual Luxury Living’ के संस्थापक संदीप अरोड़ा ने बताया कि ‘बॉटल्ड‑इन‑ओरिजिन’ (मूल देश में बोतल में भरी) स्कॉच की कीमतों में कमी भारतीय सिंगल माल्ट बाजार में प्रतिस्पर्धा को तीव्र कर सकती है। अमृत डिस्टिलरीज के प्रमुख रक्षित जगदाले ने कहा कि वे भी कीमतों में बदलाव पर विचार करेंगे, पर स्पष्ट तस्वीर त्योहारी सीजन के बाद तक मिल सकती है।
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पेरनोड रिकार्ड के सीईओ अलेक्जेंडर रिकार्ड ने कहा कि कंपनी इस समझौते का उपयोग अपने ब्रांडों को अधिक प्रासंगिक और किफायती बनाने के साथ‑साथ ब्रिटेन से नए स्कॉच उत्पाद भारत में लाने और नवाचार को तेज करने के लिए करेगी।
निष्कर्ष
UK‑India ट्रेड पैक्ट ने स्कॉच व्हिस्की के आयात लागत को आधा कर दिया, जिससे प्रमुख ब्रांड्स की रिटेल कीमतों में पहली बार 10‑15% की गिरावट आई है। यह बदलाव प्रीमियम व्हिस्की बाजार में नई प्रतिस्पर्धा को जन्म देगा और भारतीय सिंगल माल्ट निर्माताओं को भी अपनी कीमत‑नीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करेगा।




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