टोक्यो में भूतिया अपार्टमेंट की कहानी: रीवा ने डर के बजाय रहने का फैसला किया
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टोक्यो की एक युवा एंटरटेनर रीवा ने किराए के अपार्टमेंट में भूत देखे, फिर भी वह घर छोड़ने के बजाय वहीं रहने का फैसला कर लिया। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, जबकि जापान में हर साल 30‑40 हज़ार घर ‘जिको बुक्केन’ यानी भूतिया घर बनते हैं।
रीवा की पहली मुलाक़ात
रीवा ने बताया कि जब वह पहली बार टोक्यो में किराए के फ्लैट को देखने गईं, तो अंदर एक आदमी उन्हें घूर रहा था। एस्टेट एजेंट ने कहा कि वहाँ कोई नहीं है, जिससे रीवा को लगा कि वह भूत है। अधिकांश लोग ऐसी स्थिति में तुरंत घर छोड़ देते, पर रीवा ने डर को मात देते हुए वही रहने का निर्णय लिया।
भूत के साथ दोस्ती का विचार
रीवा ने कहा कि वह खुद को सामान्य लोगों से अलग सोच रखने वाली मानती हैं। वह भूत को डरने के बजाय दोस्ती करने की सोच रखती थीं। चार साल से वह उसी अपार्टमेंट में रहती हैं और अक्सर कदमों की आवाज़, अज्ञात आवाज़ें और कभी‑कभी भूतिया आवाज़ें सुनती हैं, जिन्हें वह अलौकिक मानती हैं।
जापान में भूतिया घरों की मान्यताएँ
जापानी संस्कृति में ‘यूरी’ नाम की बेचैन आत्मा का उल्लेख है, जो दुखद या हिंसक मौत के बाद इस दुनिया में भटकती है। हत्या, आत्महत्या या अकेलेपन में हुई मौत के बाद आत्मा अपनी पुरानी जगह से जुड़ी रह सकती है, इस कारण कुछ घरों को भूतिया माना जाता है।
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जिको बुक्केन: कम किराया, अधिक जोखिम
जापान में ऐसे घर, जहाँ पहले किसी की मृत्यु हुई हो, अक्सर कम किराए पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्हें ‘जिको बुक्केन’ कहा जाता है। द टाइम्स के पुलिस डेटा के अनुसार, हर साल 35 हज़ार से 40 हज़ार घर जिको बुक्केन बनते हैं। संभावित किराएदारों को इन घरों से जुड़ी अप्रिय घटनाओं की जानकारी दी जा सकती है, लेकिन जो लोग इन मान्यताओं को नहीं मानते, उनके लिए ये कम खर्च में रहने का विकल्प बनते हैं।
मुख्य बातें
- टोक्यो की निवासी रीवा ने किराए के अपार्टमेंट में भूत देखा, फिर भी वही रहने का फैसला किया।
- रीवा ने चार साल से उसी फ्लैट में रहकर कदमों की आवाज़ और अज्ञात आवाज़ें सुनी हैं।
- जापान में ‘यूरी’ जैसी बेचैन आत्माओं की मान्यताएँ प्राचीन हैं।
- भूतिया घरों को ‘जिको बुक्केन’ कहा जाता है और ये अक्सर कम किराए पर उपलब्ध होते हैं।
- प्रत्येक वर्ष 35‑40 हज़ार घर जिको बुक्केन बनते हैं, जिससे किराएदारों को विकल्प मिलते हैं।




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