Skip to content
Monday, 19 October 2026|India
19 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
संगरूर में तेज गति वाली कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचल दिया, 8 की मौत•लेह से पालम तक मेडिकल इमरजेंसी में भारतीय वायु सेना का तेज़ एअरलीफ़्ट मिशन•पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन ने किया खुर्जा नगर रामलीला मैदान का निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश•कोलकाता पंडाल भगदड़ पर ममता बनर्जी की तीखी प्रतिक्रिया, TMC ने निकाली कई मांगें•शिकारपुर में महाकाली शोभायात्रा: एसपी देहात अंतरिक्ष जैन के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में मची खलबली, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद•कोलकाता दुर्गा पूजा हादसे के बाद अमित शाह के सभी कार्यक्रम रद्द, राहुल गांधी गोवा में जनसंपर्क यात्रा में भाग लेंगे•कोलकाता दुर्गा पंडाल भगदड़ में 19 मौतें, पीएम मोदी ने दो लाख रुपये मुआवजा की घोषणा•कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़: 19 मौतें, 35 घायल, सुरक्षा में गंभीर चूकसंगरूर में तेज गति वाली कार ने मनरेगा मजदूरों को कुचल दिया, 8 की मौत•लेह से पालम तक मेडिकल इमरजेंसी में भारतीय वायु सेना का तेज़ एअरलीफ़्ट मिशन•पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन ने किया खुर्जा नगर रामलीला मैदान का निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश•कोलकाता पंडाल भगदड़ पर ममता बनर्जी की तीखी प्रतिक्रिया, TMC ने निकाली कई मांगें•शिकारपुर में महाकाली शोभायात्रा: एसपी देहात अंतरिक्ष जैन के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में मची खलबली, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद•कोलकाता दुर्गा पूजा हादसे के बाद अमित शाह के सभी कार्यक्रम रद्द, राहुल गांधी गोवा में जनसंपर्क यात्रा में भाग लेंगे•कोलकाता दुर्गा पंडाल भगदड़ में 19 मौतें, पीएम मोदी ने दो लाख रुपये मुआवजा की घोषणा•कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़: 19 मौतें, 35 घायल, सुरक्षा में गंभीर चूक
विज्ञापन
Home » तमिलनाडु में RSS के विजयदशमी रूट मार्च को हाई कोर्ट ने मंजूरी दी
News

तमिलनाडु में RSS के विजयदशमी रूट मार्च को हाई कोर्ट ने मंजूरी दी

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 17 Oct 2026• अपडेट 17 Oct 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
तमिलनाडु में RSS के विजयदशमी रूट मार्च को हाई कोर्ट ने मंजूरी दी
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वार्षिक विजयदशमी रूट मार्च पर लगाए गए पुलिस प्रतिबंध को रद्द कर दिया, जिससे मार्च को सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित करने…

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वार्षिक विजयदशमी रूट मार्च को अनुमति दे दी है। कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के हवाले से लगाए गए प्रतिबंध को रद्द कर दिया, जिससे मार्च को सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित किया जा सकेगा।

कोर्ट का निर्णय और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की टिप्पणी

जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने पुलिस के इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों का उपयोग सभी नागरिकों के लिए है और नियमों के तहत ही मार्च को अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस बात को स्पष्ट किया कि सुरक्षा के कारण पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं, बल्कि उचित व्यवस्था के साथ मार्च को चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

पुलिस आदेश की रद्दीकरण की पृष्ठभूमि

पहले राज्य पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के कारण RSS के मार्च पर रोक लगा दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए RSS ने अदालत में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की रक्षा की मांग की। अदालत ने इस याचिका को स्वीकार कर पुलिस के आदेश को निरस्त किया।

मुख्य बातें

  • मद्रास हाई कोर्ट ने RSS के विजयदशमी रूट मार्च पर लगाए गए पुलिस प्रतिबंध को रद्द किया।
  • जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने सार्वजनिक सड़कों के उपयोग के अधिकार को रेखांकित किया।
  • कोर्ट ने सुरक्षा के मद्देनज़र उचित व्यवस्था के साथ मार्च को अनुमति दी।
  • यह निर्णय तमिलनाडु में आगामी विजयदशमी समारोहों के दौरान बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले मार्च के लिए महत्वपूर्ण है।

आगे की संभावनाएँ

कोर्ट के इस फैसले के बाद, RSS ने मार्च के विस्तृत मार्ग, समय-सारणी और सुरक्षा प्रबंधों की योजना बनाना शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने की संभावना है, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सके।

आपके लिए संबंधित खबरें

यह निर्णय तमिलनाडु में अन्य सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए भी एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जहाँ सुरक्षा के नाम पर प्रतिबंध लगाकर सार्वजनिक अभिव्यक्ति को सीमित किया जाता है।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *