तमिलनाडु में जेल से 17 कैदी फरार, सियासत ने सरकार पर की कड़ी आलोचना
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तमिलनाडु के थेनी जिला उप-जेल से 17 कैदी फरार होने की घटना ने राज्य में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इस घटना को सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था की पूरी विफलता के रूप में प्रस्तुत किया।
फरार हुए कैदी और घटना का विवरण
मंगलवार को थेनी जिला उप-जेल से 17 कैदी भाग निकले। इस घटना की पुष्टि जेल प्रबंधन ने की है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कैदी कैसे बाहर निकल पाए। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने का आदेश दिया है।
पलानीस्वामी का बयान
एआईएडीएमके के महासचिव ने इस घटना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह “शासन और कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से विफल होने का सबूत” है। उन्होंने सरकार को “प्रिजन ब्रेक” की शुरुआत का आरोप लगाया और कहा कि यह स्थिति तमिलनाडु में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा सकती है।
स्टालिन की प्रतिक्रिया
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता स्टालिन ने भी इस घटना पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार को जेल सुरक्षा में सुधार लाने के साथ-साथ अपराधियों को सख्ती से दंडित करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ जनता के विश्वास को नुकसान पहुंचाती हैं।
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सरकार की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु सरकार ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन जेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का आश्वासन दिया गया है। राज्य के गृह विभाग ने कहा कि जांच के परिणामों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य बातें
- थेनी जिला उप-जेल से 17 कैदी फरार हुए।
- एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी ने सरकार को कानून-व्यवस्था की विफलता कहा।
- स्टालिन ने जेल सुरक्षा में सुधार की मांग की।
- सरकार ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच जारी है।




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