केरल सरकार ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को RTI से छूट दी, पारदर्शिता का आश्वासन
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केरल सरकार ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SCAB) के दो विभागों को सूचना अधिकार (RTI) से छूट देने का निर्णय लिया। गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने बताया कि यह छूट केवल जांच के दौरान संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए है और जांच समाप्त होने पर संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
छूट का उद्देश्य और सीमा
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी को छिपाना नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया को बाधित किए बिना पारदर्शिता बनाए रखना है। यह छूट सभी मामलों पर लागू नहीं होगी; केवल उन मामलों में जहाँ संवेदनशील दस्तावेज़ों का प्रकट होना आरोपियों को लाभ पहुँचा सकता है, तब ही इसे लागू किया जाएगा।
विधानसभा में प्रश्न और उत्तर
विधानसभा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक के.के. वलसाराज ने SCAB के टी‑1 और टी‑2 विभागों को RTI से छूट देने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है और आम जनता के सूचना अधिकार को कमजोर कर सकता है। चेन्नीथला ने उत्तर देते हुए कहा कि जांच के दौरान संवेदनशील दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने से सबूत जुटाने में बाधा आ सकती है, इसलिए जांच पूरी होने तक कुछ जानकारी को गोपनीय रखना आवश्यक है।
मुख्य बातें
- SCAB के दो विभागों को RTI से छूट मिली।
- छूट केवल जांच के दौरान संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए है।
- जांच समाप्त होने पर सभी संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
- छूट सभी मामलों पर लागू नहीं होगी; केवल विशेष मामलों में ही लागू होगी।
- गृह मंत्री ने पारदर्शिता बनाए रखने और RTI कानून को कमजोर न करने का आश्वासन दिया।
प्रभाव और आगे की दिशा
यह निर्णय केरल में भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में एक नया पहलू जोड़ता है। जबकि कुछ वर्गों में पारदर्शिता के बारे में चिंता बनी हुई है, सरकार का कहना है कि यह कदम जांच की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के साथ-साथ सार्वजनिक हित में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए है। भविष्य में जांच के परिणामों के आधार पर अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।




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