सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया पर सुनवाई: राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की याचिका 27 अक्टूबर को
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं की याचिकाओं को राकेश कुमार सिंह की लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया है। इस निर्णय के बाद दोनों मामलों की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने राकेश कुमार सिंह द्वारा दायर याचिका के साथ राहुल गांधी एवं INDIA गठबंधन की याचिकाओं को मिलाकर नोटिस जारी किया। दोनों मामलों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार के एकतरफा निर्णयों पर सवाल उठाए गए हैं।
SIR प्रक्रिया, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 पर उठाए गए प्रश्न
INDIA गठबंधन की याचिका में SIR प्रक्रिया से जुड़ी कई चिंताएं सामने रखी गईं। विशेष रूप से फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के प्रयोग तथा चुनाव आयोग के सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं:
- फॉर्म 6: मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए उपयोग किया जाता है।
- फॉर्म 7: मतदाता सूची से नाम हटाने या नाम शामिल होने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रयोग किया जाता है।
- याचिकाकर्ताओं ने इन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर संदेह जताया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के एकतरफा फैसलों पर सवाल
राकेश कुमार सिंह की याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा बिना अन्य चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के लिए गए निर्णयों को एकतरफा बताया गया है। इस मुद्दे को भी सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों के साथ जोड़ते हुए सुनवाई के एजेंडा में शामिल किया है।
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27 अक्टूबर को सुनवाई की तिथि
सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया है कि SIR प्रक्रिया, फॉर्म 6 और फॉर्म 7 से जुड़े मुद्दे तथा चुनाव आयोग के सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया पर आगे की कार्यवाही 27 अक्टूबर को होगी। इस सुनवाई में दोनों पक्षों के वकीलों को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य बातें
- राहुल गांधी और INDIA गठबंधन की SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं को राकेश कुमार सिंह की लंबित याचिका के साथ जोड़ा गया।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के एकतरफा निर्णयों पर सवाल उठाए गए।
- फॉर्म 6 (नाम शामिल) और फॉर्म 7 (नाम हटाने/आपत्ति) की प्रक्रिया को लेकर याचिकाकर्ताओं ने चिंताएं जताई।
- सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को तय की।




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