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सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के चेक बाउंस विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 21 Oct 2026• अपडेट 21 Oct 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के चेक बाउंस विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया
राजपाल यादव के 2010 के वित्तीय एग्रीमेंट से जुड़े चेक बाउंस मामले को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया।…

अभिनेता राजपाल यादव का चेक बाउंस विवाद हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने के आदेश के साथ नया मोड़ ले चुका है। कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस नजमी वजीरी को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ नियुक्त किया है, जिससे विवाद का समाधान आपसी बातचीत से हो सके।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह मामला 2010 में शुरू हुआ जब राजपाल यादव को उनकी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म “अता पता लापता” के वित्त पोषण के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये की राशि मिली। 2013 में, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभिनेता ने फिल्म के लिए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस हो गए।

एग्रीमेंट और भुगतान का विवरण

शिकायतकर्ता के अनुसार, 2012 में दोनों पक्षों के बीच एक एग्रीमेंट हुआ, जिसमें राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी ने ब्याज सहित लगभग 11 करोड़ रुपये चुकाने का वचन दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि अभिनेता ने रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने 15 अक्टूबर को जारी किए गए आदेश में कहा कि छोटे‑छोटे मुद्दों के कारण मामला मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है। उन्होंने जस्टिस नजमी वजीरी को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया और दोनों पक्षों को उनसे संपर्क करने तथा पेश होने की तिथि तय करने का निर्देश दिया।

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मध्यस्थ की भूमिका और फीस

मध्यस्थ दोनों पक्षों को ऑनलाइन या व्यक्तिगत रूप से पेश होने का विकल्प देंगे। फीस का निर्धारण मध्यस्थ स्वयं करेंगे, जो पक्षों की सलाह के बाद तय करेंगे।

विदेश यात्रा संबंधी निर्देश

कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया, ताकि वह अपने प्रोफेशनल काम जारी रख सकें। विदेश यात्रा के लिए शर्तें तय की गईं; यात्रा के बाद ट्रायल कोर्ट को सूचित करना अनिवार्य होगा।

मुख्य बातें

  • सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस नजमी वजीरी को मध्यस्थ नियुक्त किया।
  • विवाद 2010 के वित्तीय एग्रीमेंट से जुड़ा है, जिसमें 5 करोड़ रुपये की फाइनेंसिंग शामिल थी।
  • शिकायतकर्ता ने 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक बाउंस होने का आरोप लगाया।
  • दोनों पक्षों को मध्यस्थ से संपर्क कर पेश होने की तिथि तय करनी होगी।
  • कोर्ट ने राजपाल यादव को पासपोर्ट जारी करने और विदेश यात्रा के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया।
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