श्रद्धा दुबे की 11‑दिन की फरारी: नेपाल से नागपुर तक का विस्तृत रूट
3 मिनट में पढ़ें

लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा की मौत के बाद 9 अक्टूबर की रात से 20 अक्टूबर तक श्रद्धा दुबे ने लगातार ठिकाने बदलते हुए पुलिस की तलाश से बचने की कोशिश की। नेपाल सीमा पार करने से लेकर नागपुर में गिरफ्तारी तक का उनका सफर कई राज्यों, शहरों और डिजिटल संकेतों के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
फरारी की शुरुआत: नेपाल सीमा पार
9 अक्टूबर की रात शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे फरार हो गई। अगले दिन वह अपनी स्कॉर्पियो कार से बहराइच के रूपईडीहा स्थित भारत‑नेपाल सीमा तक पहुँची, जहाँ उसने गाड़ी छोड़ दी और 10 अक्टूबर की सुबह नेपाल में प्रवेश किया। सीमा के पास उसकी लोकेशन का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
नेपाल में शुरुआती कदम
10 अक्टूबर को नेपाल में दाखिल होने के बाद, 11 अक्टूबर को वह महेंद्रनगर इलाके में ई‑रिक्शा से यात्रा करती हुई CCTV फुटेज में दिखाई दी। साथ में उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली (उर्फ दानिश) थे। बाद में वह दांग जिले पहुँची, जहाँ उसने कुछ समय के लिए मोबाइल फोन चालू किया, फिर तुरंत बंद कर दिया और नेपाली सिम के माध्यम से संपर्क बनाए रखा।
भारत में पुनः प्रवेश और शहर‑दर‑शहर सफर
15 अक्टूबर को श्रद्धा ने नेपाल छोड़कर कुशीनगर के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया। 16 अक्टूबर को वह रायबरेली पहुँची, जहाँ बस स्टेशन के पास वाहन बदलकर फिर लखनऊ की ओर बढ़ी। लखनऊ में वह एक न्यूज़ एजेंसी को इंटरव्यू देकर खुद को बेगुनाह बताया और हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की प्रक्रिया भी पूरी की।
आपके लिए संबंधित खबरें
आगरा में ठहराव
लखनऊ से निकलने के बाद श्रद्धा आगरा के ओम पैलेस होटल में 24 घंटे रुक गई। यहाँ वह अपने पहचान को छिपाने के लिए बुर्के पहनने और एक वकील से मिलने की कोशिश कर रही थी। होटल से निकलते ही वह टैक्सी बुक करके नागपुर की ओर रवाना हुई।
नागपुर में गिरफ्तारी
आगरा से झांसी के रास्ते नागपुर पहुँचते समय श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर ने सामान्य मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया, बल्कि अलग फोन और फेसटाइम के जरिए संपर्क बनाए रखा। नागपुर में वे एक अपार्टमेंट की 11वीं मंजिल पर स्थित किराए के फ्लैट में ठहरे। 20 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस, यूपी एसटीएफ और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की खोज‑प्रक्रिया
पुलिस ने CCTV फुटेज, ई‑रिक्शा के रूट, मोबाइल सिम एक्टिविटी और स्थानीय सूचना स्रोतों को जोड़कर उनकी लोकेशन का पता लगाया। इस दौरान उन्होंने 5 अलग‑अलग होटलों में ठहराव, कई बार वाहन बदलना और डिजिटल संपर्क के तरीकों में बदलाव को नोट किया।
मुख्य बातें
- श्रद्धा दुबे ने 9 अक्टूबर की रात से 20 अक्टूबर तक 11 दिनों की फरारी की।
- फरारी में नेपाल सीमा पार, महेंद्रनगर, दांग, कुशीनगर, रायबरेली, लखनऊ, आगरा और नागपुर शामिल थे।
- फरारी के दौरान 3 iPhone और फेसटाइम का उपयोग किया गया, मोबाइल सिम बार‑बार बदलते रहे।
- पुलिस ने 5 अलग‑अलग होटलों में ठहराव, कई वाहन परिवर्तन और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर अंततः नागपुर में गिरफ्तारी की।
- ADG अमिताभ यश ने कहा कि श्रद्धा को पुलिस की कार्यप्रणाली और अदालत में सबूत पेश करने की प्रक्रिया की समझ थी।
जांच के अगले चरण
गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह जांच रही है कि फरारी के दौरान कौन‑कौन से लोग उसकी मदद कर रहे थे, किन संपर्कों से उसने पहचान छिपाई और क्या उसे कानूनी या अन्य सलाह मिली। साथ ही लखनऊ पुलिस के कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हुई है।




टिप्पणियाँ
0