सेमीकॉन 2.0 पोर्टल का लॉन्च: भारत की चिप और इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की आत्मनिर्भरता को तेज़ी
4 मिनट में पढ़ें

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज शुक्रवार को ‘सेमीकॉन इंडिया 2.0’ वेब एप्लिकेशन पोर्टल का आधिकारिक लॉन्च किया, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए पिलर 2, 3 और 4 की आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई। इस कदम के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 12 स्वीकृत आवेदकों की घोषणा भी की गई।
सेमीकॉन 2.0 के प्रमुख पिलर
सेमीकॉन 2.0, भारत सरकार की 1,27,500 करोड़ रुपये के भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत छह रणनीतिक पिलरों पर केंद्रित है। इन पिलरों में शामिल हैं:
- पिलर 1: चिप्स की डिजाइनिंग
- पिलर 2: मशीनें और सामग्री
- पिलर 3: अधिक फैब्स (fabs) स्थापित करना
- पिलर 4: ATMP/OSAT उद्योग को मजबूत करना
- पिलर 5: अनुसंधान और विकास (R&D)
- पिलर 6: प्रतिभा विकास (टैलेंट डेवलपमेंट)
पिलर 2, 3 और 4 के लिए पोर्टल लॉन्च
नया वेब एप्लिकेशन पोर्टल इन तीन पिलरों के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाता है, जिससे उपकरण, रसायन, गैस और एटॉमिक लेयर मैन्युफैक्चरिंग (ATMP) एवं आउटसोर्स्ड सैमीकंडक्टर असेंबली टेस्ट (OSAT) उद्योग में निवेश को तेज़ी मिलेगी। मंत्री वैष्णव ने कहा कि लक्ष्य कम से कम तीन प्रमुख उपकरण निर्माताओं और पाँच रसायन‑गैस कंपनियों को भारत में स्थापित करना है।
ECMS के तहत 12 नई परियोजनाओं की मंजूरी
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 12 परियोजनाओं को कुल 7,503 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ स्वीकृति मिली। इन परियोजनाओं से 39,045 करोड़ रुपये का उत्पादन और 7,127 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। प्रमुख उत्पाद श्रेणियों में शामिल हैं:
आपके लिए संबंधित खबरें
- मल्टी‑लेयर PCB, रिले, हीट सिंक, स्पेशलिटी सिरेमिक
- कॉपर फॉयल, एनोड सामग्री, कैथोड एक्टिव सामग्री, पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म, कैमरा रिम
- पूंजीगत सामान और उनके पुर्जे
मुख्य कंपनियों को मिली मंजूरी
निम्नलिखित कंपनियों को उनके प्रस्तावित उत्पादों के लिए मंजूरी दी गई है:
- NeST ICELR प्राइवेट लिमिटेड – मल्टी‑लेयर PCB
- TDConnex (चेन्नई) प्राइवेट लिमिटेड – रिले
- मॉडर्न ऑटोमोटिव्स लिमिटेड – हीट सिंक
- वोल्टिक्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड – स्पेशलिटी सिरेमिक
- इंडो एशिया कॉपर लिमिटेड – कॉपर फॉयल (PCB और Li‑ion सेल के लिए)
- TACC लिमिटेड – Li‑ion सेल के लिए एनोड मटेरियल
- विद्युता मटेरियल्स प्राइवेट लिमिटेड – कैथोड एक्टिव मटेरियल
- एनरफोली LLP – पॉलीप्रोपाइलीन फिल्म
- सरफेस मॉडिफिकेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड – कैमरा रिम
भौगोलिक वितरण और MSME सहभागिता
इन मंजूरियों में से अधिकांश 7 राज्यों – गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश – में स्थित हैं। लगभग 50% परियोजनाएँ MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिससे छोटे उद्यमों को भी इस वैल्यू चेन में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
पिछले चरणों की उपलब्धियां
सेमीकॉन 1.0 के तहत छह राज्यों में 12 परियोजनाओं को 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ मंजूरी मिली, जिनमें से पाँच परियोजनाओं ने अक्टूबर 2026 तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया। इसके अलावा, 105 स्टार्टअप्स को EDA टूल्स तक पहुंच, 24 स्टार्टअप्स को फंडिंग, और 15 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंडिंग प्रदान की गई। ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ (C2S) प्रोग्राम के तहत 332 संस्थानों को टूल्स उपलब्ध कराए गए और लगभग 70,000 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया।
उद्योग के लिए आह्वान
मंत्री वैष्णव ने उद्योग के हितधारकों से सहयोग, विशेषज्ञता साझा करने और निरंतर सुधार करने का आग्रह किया, ताकि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा, “सेमीकॉन इंडिया 2.0 का मुख्य फोकस एक मजबूत इकोसिस्टम बनाना है, जिसमें उपकरण, सामग्री, रसायन और गैसों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए।”
भविष्य की दिशा
सेमीकॉन 2.0 पोर्टल के लॉन्च से पिलर 2, 3 और 4 के लिए आवेदन प्रक्रिया तेज़ होगी, जिससे नई फैब्स, उपकरण निर्माण और ATMP/OSAT उद्योग में निवेश को गति मिलेगी। यह पहल भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न के साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




टिप्पणियाँ
0