दिवाली मिलन के बाद कांग्रेस की नई रणनीति: दिल्ली में दो‑दिन का कार्यक्रम, मणिपुर दौरा तय
3 मिनट में पढ़ें

राहुल गांधी के आवास, 5, सुनहरी बाग रोड, पर शुक्रवार को 15 साल बाद आयोजित दिवाली मिलन समारोह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को एकत्र किया और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूप‑रेखा तैयार की। इस कार्यक्रम के बाद पार्टी ने 25‑26 नवंबर को दिल्ली में दो‑दिन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया और इस महीने के अंत में राहुल गांधी मणिपुर का दौरा करेंगे, जिससे मणिपुर के ‘खराब हालात’ को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी स्पष्ट हुई।
दिवाली मिलन का विवरण
दिवाली मिलन समारोह शाम 5:30 से 8 बजे तक चला। इसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और जनरल सेक्रेटरी शामिल हुए। कार्यक्रम की कैटरिंग मोएट्स रेस्टोरेंट से की गई, वही रेस्टोरेंट कांग्रेस के नए मुख्यालय इंदिरा भवन की कैंटीन भी है। 2004‑2010 के बीच राहुल गांधी को दिवाली की शुभकामनाएँ देने के लिए नेताओं की नियमित मुलाकातें होती थीं, लेकिन 2011 के बाद यह सिलसिला रुक गया था। अब 15 साल बाद यह पुनः शुरू हुआ।
दिल्ली में 25‑26 नवंबर का बड़ा कार्यक्रम
कांग्रेस ने संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर 25‑26 नवंबर को दिल्ली में बड़े कार्यक्रम की तैयारी की घोषणा की। इस दौरान पार्टी के प्रमुख नेता, राज्य प्रमुख और युवा मोर्चे के प्रतिनिधि एकत्रित होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य:
- वोट चोरी के मुद्दे को फिर से उठाना, विशेषकर महाराष्ट्र के गोकुल सहकारी चुनाव में बीजीपी पर लगाए गए आरोपों को दोहराना।
- वर्तमान केंद्र सरकार की चुनाव प्रक्रिया और प्रबंधन पर सवाल उठाना।
- आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारियों को सुदृढ़ करना।
राहुल गांधी का मणिपुर दौरा
दिवाली मिलन के बाद राहुल गांधी ने इस महीने के अंत में मणिपुर का दौरा करने की पुष्टि की। मणिपुर में पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और सामाजिक समस्याओं को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कांग्रेस ने इन मुद्दों को ‘खराब हालात’ के रूप में प्रस्तुत कर, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे चुनौती देने की रणनीति बनाई है।
आपके लिए संबंधित खबरें
वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का आक्रमण
दिवाली के अवसर पर राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर ‘वोट चोरी’ का मुद्दा फिर से उठाया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। इस संदर्भ में कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और अन्य पदाधिकारियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मीटिंग के बाद अपने विचार व्यक्त किए।
सचिन पायलट ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के सभी कार्य गैर‑कानूनी और गैर‑संवैधानिक रहे हैं और अब देश को यह समझना चाहिए कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कौन संभाल रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 140 करोड़ लोगों में से केवल एक व्यक्ति को लाइफ‑लॉन्ग इम्यूनिटी मिली है, जिससे सरकार की नीति में असमानता स्पष्ट होती है।
मुख्य बातें
- राहुल गांधी के आवास पर 15 साल बाद दिवाली मिलन समारोह आयोजित।
- कांग्रेस ने 25‑26 नवंबर को दिल्ली में बड़े कार्यक्रम की घोषणा की।
- राहुल गांधी इस महीने के अंत में मणिपुर का दौरा करेंगे।
- वोट चोरी के मुद्दे को फिर से उठाते हुए पार्टी ने केंद्र सरकार की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- सचिन पायलट ने ज्ञानेश कुमार के कार्यों को गैर‑संवैधानिक कहा।
दिवाली मिलन के बाद कांग्रेस की यह सक्रियता आगामी चुनावों के संदर्भ में पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करती है। दिल्ली में दो‑दिन के कार्यक्रम और मणिपुर दौरा दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दों को उठाने और वोटर बेस को पुनः सक्रिय करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं।




टिप्पणियाँ
0