SBI ने चेतावनी जारी की: जंप्ड डिपॉजिट स्कैम से बचें, यूपीआई धोखाधड़ी के नए तरीके पर ध्यान दें
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डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ ऑनलाइन ठगी के तरीके भी विकसित हो रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 10 अक्टूबर 2026 को एक चेतावनी जारी की, जिसमें जंप्ड डिपॉजिट स्कैम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है और ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस स्कैम में ठग छोटे पैमाने पर रकम भेजकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़ी यूपीआई भुगतान की मंजूरी लेने की कोशिश करते हैं।
जंप्ड डिपॉजिट स्कैम कैसे काम करता है?
स्कैम की प्रक्रिया चार मुख्य चरणों में होती है:
- ठग पीड़ित के बैंक खाते में छोटी रकम (आमतौर पर कुछ सौ रुपये) भेजता है।
- किसी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आता है, जिसमें कहा जाता है कि वह गलती से आपके खाते में पैसे भेज दिया है और तुरंत रिफंड चाहिए।
- पीड़ित को जल्दबाजी में पैसे वापस करने या बड़ी रकम का यूपीआई पेमेंट मंजूर करने का दबाव बनाया जाता है।
- यदि पीड़ित बिना जांच के भुगतान को मंजूरी देता है, तो उसके खाते से बड़ी रकम निकाली जा सकती है।
सतर्क रहने के लिए SBI की मुख्य सलाह
- अचानक खाते में पैसे आएँ तो पहले बैंक स्टेटमेंट या आधिकारिक ऐप में वास्तविक ट्रांजैक्शन की पुष्टि करें।
- अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, विशेषकर जब रिफंड की मांग की जाए।
- किसी भी यूपीआई पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले स्क्रीन पर दिख रही रकम और प्राप्तकर्ता की जानकारी को ध्यान से जांचें।
- UPI पिन कभी भी किसी को न बताएँ और पिन डालते समय स्क्रीन पर दिख रही राशि को दोबारा जाँचें।
- संदिग्ध कॉल करने वाले नंबर को ब्लॉक करें और तुरंत अपने बैंक को सूचित करें।
- यदि भुगतान गलती से मंजूर हो गया हो, तो तुरंत बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
UPI ट्रांजैक्शन की सुरक्षा के मूल सिद्धांत
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्पष्ट किया है कि केवल UPI या बैंकिंग ऐप खोलने से कोई भुगतान अपने आप नहीं हो जाता। प्रत्येक ट्रांजैक्शन को उपयोगकर्ता को भुगतान विकल्प चुनकर, UPI पिन डालकर और स्क्रीन पर दिख रही राशि की पुष्टि करके ही पूरा किया जाता है। इसलिए अनजान व्यक्ति की रिक्वेस्ट को बिना जांच के स्वीकार करना जोखिमपूर्ण है।
यदि आपका खाता जंप्ड डिपॉजिट स्कैम से प्रभावित हो
1. ट्रांजैक्शन की पुष्टि करें: बैंक स्टेटमेंट या आधिकारिक मोबाइल ऐप में देखिए कि वह रकम वास्तव में आपके खाते में क्रेडिट हुई है या नहीं।
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2. बैंक से संपर्क करें: यदि रकम अनजानी है, तो तुरंत अपने बैंक की ग्राहक सेवा या शाखा से संपर्क करके उचित प्रक्रिया पूछें।
3. भुगतान को रिवर्स करने की कोशिश न करें: स्वयं किसी अन्य UPI आईडी पर पैसे भेजने की कोशिश न करें; यह स्थिति को और जटिल बना सकता है।
4. शिकायत दर्ज करें: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) या cybercrime.gov.in पर दें।
मुख्य बातें
- जंप्ड डिपॉजिट स्कैम में ठग छोटे पैसों से भरोसा बनाकर बड़ी यूपीआई भुगतान की मंजूरी लेता है।
- अचानक खाते में पैसे आने पर तुरंत बैंक के आधिकारिक माध्यम से ट्रांजैक्शन की पुष्टि करें।
- अनजान कॉल या मैसेज पर दबाव बनाकर पैसे वापस करने की मांग को न मानें।
- UPI पिन कभी भी साझा न करें और स्क्रीन पर दिख रही राशि को दोबारा जाँचें।
- संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत बैंक को दें और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर रिपोर्ट करें।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ सतर्क रहना आवश्यक है। SBI की इस चेतावनी को गंभीरता से लेकर, उचित जांच और समय पर कार्रवाई करके आप अपने वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं।




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