राजस्थान के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली जान से मारने की धमकी, दो शूटर गिरफ्तार
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राजस्थान के सिरोही से पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा को 11 अक्टूबर को विदेशी नंबरों से मिली फोन कॉल और ऑडियो संदेशों में हत्या की स्पष्ट धमकी मिली। इस घटना के बाद जोधपुर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एंटी‑गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने नेपाल सीमा से आए दो शूटर को गिरफ्तार किया।
धमकी का विवरण
संयम लोढ़ा के मोबाइल पर 11 अक्टूबर को तीन अंतरराष्ट्रीय कॉल आए। कॉल रिसीव नहीं होने पर ऑडियो संदेश भेजे गए। संदेश में स्वयं को “आरजू” बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह लोढ़ा के घर में घुसकर स्टेनगन और AK‑47 से हत्या कर देगा, चाहे सुरक्षा कितनी भी बढ़ी हो। पुलिस ने बताया कि साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और संदेशों के स्रोत का पता लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
पहले की साजिश और दो शूटरों की गिरफ्तारी
सितंबर में लोढ़ा पर एक संभावित हमले की साजिश का खुलासा हुआ था। 20 सितंबर को जोधपुर में SOG और AGTF ने जसकरण सिंह और राजेंद्र सिंह (उर्फ बिल्ला) को गिरफ्तार किया। दोनों ने नेपाल बॉर्डर से आए होने और लोढ़ा के फार्म हाउस को रेकी (तस्करी) करने की योजना बनायी थी, लेकिन फार्म हाउस पर लोगों की आवाज़ाही अधिक होने के कारण योजना विफल रही।
संयम लोढ़ा के बयान और राजनीतिक पृष्ठभूमि
मीडिया से बातचीत में लोढ़ा ने कहा कि धमकी देने वालों का पता लगाना पुलिस का काम है और वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। वह जनता के बीच रहकर पंचायती राज चुनाव एवं जनसंपर्क गतिविधियों में सक्रिय हैं। लोढ़ा पहले भी जेलों में आपराधिक गतिविधियों और गैंगस्टरों के मोबाइल उपयोग पर सवाल उठाते रहे थे, जिससे उनके खिलाफ कई बार विरोधी समूहों की नाराजगी बनी रही।
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जांच की वर्तमान स्थिति
सिरोही पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि मामला SOG और AGTF की संयुक्त जांच में है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पूर्व विधायक की सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार शूटरों को स्थानीय स्तर पर किसने सहयोग दिया।
मुख्य बातें
- संयम लोढ़ा को 11 अक्टूबर को विदेशी नंबरों से हत्या की धमकी मिली।
- धमकी देने वाले ने खुद को “आरजू” बताया और AK‑47 तथा स्टेनगन का उल्लेख किया।
- 20 सितंबर को नेपाल सीमा से आए दो शूटर जसकरण सिंह और राजेंद्र सिंह (बिल्ला) को SOG‑AGTF ने गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी के बाद शूटरों ने लोढ़ा के फार्म हाउस को रेकी करने की योजना बताई, लेकिन योजना विफल रही।
- जांच में साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल और ऑडियो संदेशों के स्रोत का पता लगाने पर काम चल रहा है।
- पुलिस ने लोढ़ा की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
जांच अभी भी प्रारम्भिक चरण में है और यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी का वास्तविक मकसद क्या है—राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, स्थानीय अपराध नेटवर्क या निजी रंजिश। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार शूटरों के बयान और साइबर ट्रेसिंग से मामले की सच्चाई उजागर होगी। इस बीच, संयम लोढ़ा ने जनता को आश्वस्त किया है कि वह अपने कार्यों में अडिग रहेंगे और किसी भी प्रकार की धमकी को नहीं मानेंगे।




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