राजस्थान पंचायत चुनाव: पहले चरण में 63% मतदान, ग्रामीणों में उत्साह और कुछ बहिष्कार
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राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का पहला चरण गुरुवार को समाप्त हुआ, जिसमें 16 जिलों में कुल 63 प्रतिशत मतदाता मतदान कर पाए। इस चरण में 2,081 सीटों के लिए 6,976 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, और मतदान केंद्रों पर उत्साह के साथ लंबी कतारें भी देखी गईं।
पहले चरण का विस्तृत आंकड़ा
पहले चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर जिलों में मतदान हुआ। इन 16 जिलों में 293 जिला परिषद वार्ड और 1,788 पंचायत समिति वार्ड के लिए मतदान किया गया। कुल 85 लाख से अधिक पात्र मतदाता इस चरण में मतदान करने के लिए पहुंचे।
उत्साह और लंबी कतारें
कई मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से ही लंबी कतारें लग गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण स्तर पर मतदान के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ा है। अधिकारीयों ने बताया कि शाम छह बजे तक कुल 63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि अंतिम आंकड़े अभी आने हैं।
बहिष्कार के कारण
कुछ गांवों में स्थानीय मांगों और शिकायतों के कारण मतदान का बहिष्कार किया गया। कोटा जिले के सिनोता ग्राम पंचायत के चकटोडी टोडीखेड़ली गांव के लोग अपने गांव को 11 किलोमीटर दूर की ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने के विरोध में मतदान नहीं कर पाए। पाली जिले के रानी पंचायत समिति के डूठारिया गांव और सोजत पंचायत समिति के नेपावास गांव के ग्रामीणों ने भी इसी तरह बहिष्कार किया। जोधपुर जिले के खिरजा मंगल सिंह नगर के निवासियों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान से दूर रहने का निर्णय लिया।
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तकनीकी समस्या
राजसमंद जिले के एक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी के कारण मतदान कुछ देर के लिए बाधित रहा। अधिकारियों ने खराब मशीन को बदल दिया और सुबह लगभग आठ बजे मतदान फिर से शुरू किया।
उम्मीदवारों की संख्या और प्रतिस्पर्धा
पहले चरण में जिला परिषद की 293 सीटों के लिए 1,693 उम्मीदवार और पंचायत समिति की 1,788 सीटों के लिए 5,283 उम्मीदवार मैदान में थे। भीलवाड़ा में जिला परिषद के सबसे अधिक 28 वार्ड थे, उसके बाद उदयपुर (25), बाड़मेर (24) और जयपुर (22) के वार्ड थे। जिला परिषद की सीटों के लिए जयपुर में सबसे अधिक 154 उम्मीदवार थे, उसके बाद बीकानेर (138) और अलवर तथा जोधपुर (प्रत्येक 133) थे। पंचायत समिति के चुनाव में नागौर में सबसे अधिक 470 उम्मीदवार, बाड़मेर में 467 और भीलवाड़ा में 466 उम्मीदवार थे।
आगे के चरण और राजनीतिक महत्व
राजस्थान में कुल 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के चुनाव चार चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव भी तय हैं। दूसरे चरण का मतदान 28 अक्टूबर को निर्धारित है। यह चुनाव 2028 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के लिए अपनी जमीनी ताकत को परखने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। दोनों दल ग्रामीण इलाकों में अपने समर्थन को मजबूत करने और संगठनात्मक क्षमता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- पहले चरण में 16 जिलों में 63% मतदान दर्ज हुआ।
- कुल 85 लाख से अधिक पात्र मतदाता मतदान के लिए पहुंचे।
- 6,976 उम्मीदवारों ने 2,081 सीटों के लिए चुनाव लड़ा।
- कोटा, पाली और जोधपुर के कुछ गांवों में स्थानीय मुद्दों के कारण बहिष्कार हुआ।
- राजसमंद में ईवीएम तकनीकी खराबी के कारण मतदान में थोड़ी देर का व्यवधान आया।
- दूसरे चरण का मतदान 28 अक्टूबर को होगा।




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