राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, मुख्य बिंदु और आगे की प्रक्रिया
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राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की। यह कदम विपक्षी नेताओं द्वारा सड़क प्रदर्शन के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के फैसलों में गड़बड़ियों को उजागर करने की मांग की।
याचिका का दायर होना और प्रतिवादी
याचिका एडवोकेट एस. प्रसन्ना के माध्यम से फाइल की गई और इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, साथ ही दो अन्य आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया। याचिका में SIR के दौरान वोटर डिलीट करने में हुई त्रुटियों को उजागर करने, सभी संबंधित रिकॉर्ड की मांग करने और एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया।
याचिका में शामिल प्रमुख नेता
- राहुल गांधी (कांग्रेस)
- मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस)
- सौगत रॉय (तृणमूल कांग्रेस)
- अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी)
- तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD)
- संजय राउत (शिवसेना UBT)
- MA बेबी (CPI(M))
- डी राजा (CPI)
- महुआ माझी (झारखंड मुक्ति मोर्चा)
- सुप्रिया सुले (MCP)
- इटी मोहम्मद बशीर (IUML)
सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज की 14 कमियां
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में 14 कमियां पाईं, जिनमें प्रमुख हैं:
- प्रतिवादी के नाम और विवरण की अनुपस्थिति
- पुराने फैसले की प्रति संलग्न न होना
- 9 याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं होना
- मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की धुंधली कॉपी
- कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी
- दस्तावेजों की अस्पष्टता
इन कमियों को दूर करने के बाद ही याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
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मार्च फॉर डेमोक्रेसी और कोर्ट में पिटीशन
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में “मार्च फॉर डेमोक्रेसी” का आयोजन किया। पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेड लगाकर कोर्ट की ओर बढ़ने से रोकने की कोशिश की, परन्तु नेता गाड़ी पर चढ़कर अपने समर्थनकों के साथ सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। अंततः वे सुप्रीम कोर्ट परिसर में पहुंचकर पिटीशन फाइल कर सके।
याचिका में मांगी गई प्रमुख राहतें
- सभी SIR‑संबंधित निर्णयों के दस्तावेज, एजेंडा, मिनट्स, नोटिंग और आपत्तियों की उपलब्धता
- संविधान अनुच्छेद 324, 2023 के चुनाव आयोग कानून और T.N. शेषन बनाम भारत संघ के फैसले के अनुरूपता की जांच
- हटाए गए वोटरों की बूथ‑वाइज सूची, हटाने के कारण और जनसांख्यिकीय विवरण का प्रकाशन
- रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र कमेटी बनाकर ECINET और ERONET डेटाबेस का ऑडिट
- वर्तमान SIR को तब तक निलंबित करने की मांग, जब तक कोर्ट का फैसला नहीं सुनाया जाता
- भविष्य में सभी SIR‑निर्णयों को 2023 के चुनाव आयोग एक्ट के अनुसार लेना सुनिश्चित करना
आगे की प्रक्रिया
कमियों को सुधारने के बाद याचिका को पुनः दायर किया जाएगा। यदि कोर्ट इसे स्वीकार करता है, तो सुनवाई की तिथि निर्धारित की जाएगी और पक्षों को आगे की निर्देशित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस बीच, विपक्षी नेताओं ने कहा है कि वे कानूनी रास्ते से ही चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
मुख्य बातें
- राहुल गांधी और 10+ विपक्षी नेताओं ने SIR‑संबंधित मुद्दों पर EC के खिलाफ संयुक्त याचिका दायर की।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रतिवादी बनाया गया।
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में 14 औपचारिक कमियां पाईं; इन्हें दूर करने के बाद ही सुनवाई होगी।
- मार्च फॉर डेमोक्रेसी में नेता गाड़ी पर चढ़कर कोर्ट तक पहुँचे और पिटीशन फाइल किया।
- याचिका में EC के सभी SIR‑निर्णयों की पारदर्शिता, स्वतंत्र ऑडिट और अस्थायी निलंबन की मांग की गई।




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