पंजाब में SIR के बाद 13 लाख वोट कटे, लुधियाना में 4.16 लाख नाम हटे; चुनावी गणित पर पड़ेगा असर
3 मिनट में पढ़ें

पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हुई है। लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरों में 13 लाख से अधिक वोटों का कटाव हुआ, जबकि 879 नए पोलिंग बूथ जोड़े गए। यह बदलाव आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में प्रमुख राजनीतिक दलों के गणित को प्रभावित कर सकता है।
मुख्य आँकड़े
- लुधियाना: 4.16 लाख मतदाता हटाए गए
- अमृतसर: 2.42 लाख मतदाता हटाए गए
- जालंधर: 1.84 लाख मतदाता हटाए गए
- पटियाला: 1.38 लाख मतदाता हटाए गए
- मोहाली: 1.53 लाख मतदाता हटाए गए
नए पोलिंग बूथ
पंजाब में कुल 879 नए मतदान केंद्र जोड़े गए। पहले कुल 24,453 बूथ थे, अब यह संख्या 25,332 हो गई है। सबसे अधिक नए बूथ अमृतसर (106) और लुधियाना (104) में जोड़े गए। यह कदम मतदाताओं की संख्या को प्रत्येक बूथ पर संतुलित करने और बुनियादी सुविधाओं (रैंप, पानी, बिजली) को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
चुनावी समीकरणों पर संभावित असर
2022 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने लुधियाना जिले की 14 में से 13 सीटें जीती थीं, जबकि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने लुधियाना के 9 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 में सबसे अधिक वोट हासिल किए थे। अब इतने बड़े पैमाने पर वोटों का कटाव उन क्षेत्रों में वोटों की गणना को बदल सकता है, विशेषकर लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक शहरों में जहाँ उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासी श्रमिकों की बड़ी संख्या रहती है।
पार्टी प्रतिक्रियाएँ
शिरोमणि अकाली दल: सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कटे हुए 13 लाख वोट सही तरीके से हटाए गए हैं और दल को SIR प्रक्रिया में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यवाही पर बेवजह सवाल उठाने की निंदा की।
आपके लिए संबंधित खबरें
आम आदमी पार्टी (AAP): पार्टी ने कहा कि पंजाब में चुनाव आयोग ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं किया और SIR प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हुई। प्रदेश महासचिव बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि डेटा अभी जारी हुआ है, पार्टी इसे अध्ययन कर रही है और आगे सवालों के जवाब देगी।
कांग्रेस: नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि पार्टी ने कई लिखित आपत्तियां दर्ज करवाई हैं और आशा है कि चुनाव आयोग उन्हें दूर करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आपत्तियों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
चुनीएल्टोरल ऑफिसर: चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर आनंदिता मित्रा ने बताया कि सभी राजनीतिक पार्टियों को SIR प्रक्रिया में लूप में रखा गया, डेटा उपलब्ध कराया गया और उनके आपत्तियों को दूर किया गया।
भविष्य की दिशा
कटे हुए वोटों की पुनः जाँच और नए बूथों की कार्यक्षमता पर नज़र रखी जाएगी। यदि इन बदलावों से किसी पार्टी को लाभ या हानि होती है, तो वह अगले चुनावों में अपनी रणनीति में समायोजन कर सकती है। विशेषकर प्रवासी श्रमिकों के वोटों का पुनर्वितरण, सीटों की गणना और गठबंधन की संभावनाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।
मुख्य बातें
- पंजाब में SIR के बाद 13 लाख से अधिक वोट कटे।
- लुधियाना में सबसे अधिक कटाव – 4.16 लाख मतदाता।
- अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली में भी बड़े पैमाने पर कटाव।
- पंजाब में 879 नए पोलिंग बूथ जोड़े गए, कुल 25,332 बूथ।
- कटे हुए वोटों का असर AAP, कांग्रेस और BJP के चुनावी गणित पर पड़ सकता है।
- सभी प्रमुख पार्टियों ने SIR प्रक्रिया को लेकर अलग‑अलग रुख अपनाया है।




टिप्पणियाँ
0