PNB ग्रेटर नोएडा में 10.24 करोड़ की हेराफेरी: महिला कर्मचारी ने 6 अधिकारियों की ID से ट्रांसफर, CBI ने FIR दर्ज की
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ग्रेटर नोएडा के बीटा‑2 कोतवाली क्षेत्र के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में ग्राहकों की जमा पूंजी और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रकम में 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया। बैंक की शिकायत के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने 29 अक्टूबर को FIR दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
घटना का विवरण
16 सितंबर को ग्राहक संगीता ने अपने पति‑बेटी के साथ शाखा में पासबुक अपडेट करवाई। उन्होंने अपने खाते में तीन अज्ञात लेन‑देन देखे और तुरंत शिकायत दर्ज करवाई। शाखा प्रबंधक अनुपलब्ध होने के कारण महिला कर्मचारी दीपांशी ने ग्राहक से बात की और लेन‑देन को सही बताने की कोशिश की। बाद में शाखा प्रबंधक ने जांच शुरू की।
कर्मचारी और अधिकारियों की भूमिका
बैंक की प्रारम्भिक जांच में पता चला कि ग्राहक खातों से रकम ट्रांसफर करने के लिए छह वरिष्ठ अधिकारियों की यूज़र‑आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग किया गया। इन अधिकारियों में सीनियर ब्रांच मैनेजर निषाद तिर्की, संदीप प्रकाश शर्मा, मीनाक्षी, सतीश कुमार, शैलेंद्र कुमार और लवली जैन शामिल हैं। इन आईडी का उपयोग बिना उनकी जानकारी या सहमति के किया गया या नहीं, यह अभी जांच का विषय है।
FD का दुरुपयोग
सिर्फ बचत खातों ही नहीं, कई ग्राहकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी निशाने पर थीं। बैंक की शिकायत के अनुसार, कुछ FD में आशुतोष पाठक और अन्य व्यक्तियों को संयुक्त खाताधारक बनाया गया, फिर इन FD को समय से पहले बंद कर रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। बैंक ने 49 संदिग्ध FD प्रविष्टियों की सूची CBI को सौंपी है, जिनमें कुल 70.24 करोड़ रुपये के ट्रांसफर का उल्लेख है, जबकि अनधिकृत निकासी का दावा 10.24 करोड़ रुपये है।
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CBI की कार्रवाई
PNB के मुख्य प्रबंधक अजय कुमार पांडे ने 23 अक्टूबर को गाज़ियाबाद में CBI की एंटी‑करप्शन शाखा को शिकायत दर्ज करवाई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत मंजूरी मिलने के बाद CBI ने 29 अक्टूबर को FIR दर्ज की। जांच की जिम्मेदारी डीएसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है।
CBI अब बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के लॉग, छह अधिकारियों की यूज़र‑आईडी की गतिविधियों, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, FD दस्तावेज़ और मोबाइल अलर्ट में किए गए बदलावों की जांच करेगी। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कुल कितने ग्राहक प्रभावित हुए, वास्तविक वित्तीय नुकसान कितना है और इस घोटाले में किन कर्मचारियों या बाहरी व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।
मुख्य बातें
- ग्रेटर नोएडा की PNB शाखा में 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया।
- महिला कर्मचारी दीपांशी ने 6 वरिष्ठ अधिकारियों की यूज़र‑आईडी‑पासवर्ड का दुरुपयोग किया।
- FD को समय से पहले बंद कर रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की गई, कुल 70.24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन‑देन।
- बैंक ने 5 कर्मचारियों को निलंबित किया, बाद में CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
- CBI कोर बैंकिंग सिस्टम, मोबाइल अलर्ट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करेगी।
- बैंक ने 43 लाख रुपये के दावों का भुगतान करने की सूचना दी है।
आगे की संभावनाएँ
जांच के परिणामों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की संभावना है। साथ ही, इस प्रकार की हेराफेरी को रोकने के लिए बैंकिंग सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की मांग भी बढ़ रही है।




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