पीएनबी घोटाले में पूर्व ब्रांच मैनेजर की भूमिका पर सवाल, 35 करोड़ की हेराफेरी की जांच
2 मिनट में पढ़ें

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सेक्टर पाई‑1 ऐच्छर शाखा में लगभग 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में अब पूर्व ब्रांच मैनेजर सहित कई अधिकारियों की भागीदारी पर सवाल उठे हैं। इस घोटाले में झारखंड के कई बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी के गंभीर संकेत मिलते हैं।
घोटाले की मुख्य बातें
- शाखा: सेक्टर पाई‑1, ऐच्छर (नोएडा)
- रकम: लगभग 35 करोड़ रुपये
- शिकायत: झारखंड के कई बैंक खातों में अनधिकृत ट्रांसफर
- जांच: पुलिस और बैंक के आंतरिक ऑडिट विभाग द्वारा प्रारम्भिक जांच चल रही है
- संभावित आरोपी: पूर्व ब्रांच मैनेजर और अन्य शाखा अधिकारी
जांच की दिशा
पुलिस ने मामले की प्रारम्भिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है और बैंक के ऑडिट टीम ने लेन‑देन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारम्भिक जांच में यह पता चला है कि ट्रांसफर प्रक्रिया में कई अनियमितताएँ थीं, जिनमें अनधिकृत फॉर्म भरना और ग्राहक की सहमति के बिना लेन‑देन करना शामिल है।
पूर्व ब्रांच मैनेजर की भूमिका
पूर्व ब्रांच मैनेजर, जो हजारीबाग निवासी हैं, को इस मामले में प्रमुख भूमिका निभाने का संदेह है। अधिकारियों ने बताया कि वह लेन‑देन के अनुमोदन प्रक्रिया में शामिल थे और संभवतः अनधिकृत ट्रांसफर को सुविधाजनक बनाने में मदद की। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अन्य अधिकारियों की भागीदारी
शाखा के अन्य कर्मचारियों के भी इस घोटाले में शामिल होने की संभावना पर जांच चल रही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कई लेन‑देन एक साथ किए गए थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक संगठित योजना हो सकती है।
आपके लिए संबंधित खबरें
भविष्य की कार्रवाई
जांच एजेंसियों ने कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीएनबी ने अपने ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि वे इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करेंगे।
प्रभावित ग्राहकों के लिए सलाह
झारखंड के उन ग्राहकों को सलाह दी गई है जिन्होंने अपने खातों में अनधिकृत लेन‑देन देखे हैं, कि वे तुरंत अपने बैंक शाखा से संपर्क करें और लिखित शिकायत दर्ज कराएँ। साथ ही, बैंक द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।




टिप्पणियाँ
0