विजयादशमी पर पीएम मोदी ने तीर से रावण दहन किया, ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजे
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विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रावण दहन समारोह में भाग लेकर तीर चलाकर रावण के विशाल पुतले को जलाया। ‘जय श्री राम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के बीच तीर के प्रहार से पुतला धूम्रधुंध में जल उठता दिखा, जिससे मैदान तालियों की गूँज से भर गया।
समारोह की मुख्य झलकियाँ
कार्यक्रम में उपस्थित भीड़ ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए उत्सव को जीवंत बना दिया। इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिजिटल एवं प्रतीकात्मक आतिशबाजी का प्रयोग किया गया, जिससे पारंपरिक पुतला दहन के साथ-साथ पर्यावरण‑सुरक्षित पहल भी सामने आई। पीएम मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को उन्नति और संकल्प का संदेश दिया।
डिजिटल और प्रतीकात्मक आतिशबाजी
पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, इस वर्ष रावण दहन में पारंपरिक रासायनिक आतिशबाजी के बजाय डिजिटल लाइट शो और प्रतीकात्मक ध्वनि‑प्रभावों का उपयोग किया गया। इससे धुएँ और प्रदूषण में कमी आई, जबकि दर्शकों को दृश्यात्मक रूप से आकर्षित किया गया।
प्रधानमंत्री का संदेश
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह दिन सभी भारतीयों को नैतिक संकल्प और राष्ट्रीय एकता की याद दिलाता है। उन्होंने देशवासियों को विकास, प्रगति और सामाजिक समरसता के पथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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मुख्य बातें
- विजयादशमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीर चलाकर रावण का पुतला जलाया।
- कार्यक्रम में ‘जय श्री राम’ और ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के नारे गूंजे।
- पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल एवं प्रतीकात्मक आतिशबाजी का प्रयोग किया गया।
- प्रधानमंत्री ने देशवासियों को उन्नति और संकल्प का संदेश दिया।




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