पाकिस्तानी दुल्हन बीना ने पहला करवा चौथ रखा, भारतीय पति के लिए समर्पण की कहानी
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुर खास की रहने वाली 28 वर्षीय इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर बीना रामनानी ने भारत में अपने भारतीय पति आकाश आसवानी के लिए पहला करवा चौथ व्रत रखा। यह अनोखी कहानी दो देशों के बीच कूटनीतिक तनाव, वीजा की जटिलताओं और सामाजिक बाधाओं को पार कर एक प्रेमपूर्ण बंधन में बदल गई है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती, वर्चुअल सगाई तक
लगभग आठ साल पहले इंस्टाग्राम पर शुरू हुई सामान्य दोस्ती धीरे‑धीरे गहरी हुई। बीना और आकाश के बीच बातचीत लगातार चलती रही, लेकिन भारत‑पाकिस्तान के तनावपूर्ण माहौल और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण दोनों का शारीरिक मिलना संभव नहीं था। इस कारण 6 जून 2024 को दोनों ने ऑनलाइन (वर्चुअल) सगाई की, जिससे रिश्ते की औपचारिक शुरुआत हुई।
दुबई में सात फेरे, फिर भारत का वीजा
शादी के लिए तीसरे देश की आवश्यकता थी। कानूनी अड़चनों को पार करते हुए 24 मई 2025 को बीना और आकाश ने संयुक्त अरब अमीरात, दुबई में हिंदू रीति‑रिवाज के अनुसार सात फेरे लिए। शादी के कुछ महीनों बाद, कागजी कार्यवाही पूरी होने पर फरवरी 2026 में बीना को भारत का वीजा मिला और वह भरतपुर (मडरपुर रोड, गोविंद नगर) स्थित अपने ससुराल पहुँची।
पहला करवा चौथ: समर्पण का प्रतीक
भारत पहुँचने के बाद बीना ने अपना पहला करवा चौथ मनाया। वह इस पावन पर्व को केवल एक रस्म नहीं, बल्कि अपने पति के लिए समर्पण का उत्सव मानती हैं। बीना ने बताया कि वह पाकिस्तान में रह रही अपनी बहनों और परिजनों को वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी तैयारियों, मेहंदी और पूजा के सामान से रूबरू करा रही हैं। वह यह भी जोड़ती हैं कि यदि पति भी अपनी पत्नी के साथ व्रत रखे, तो यह आपसी प्रेम को और अधिक खूबसूरत बनाता है।
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मुख्य बातें
- बीना रामनानी, 28 वर्ष, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर, पाकिस्तान (सिंध प्रांत) की निवासी।
- आकाश आसवानी, भरतपुर (राजस्थान) के निवासी, भारतीय नागरिक।
- इंस्टाग्राम पर 8 साल पहले दोस्ती शुरू, 6 जून 2024 को वर्चुअल सगाई।
- 24 मई 2025 को दुबई में सात फेरे लेकर शादी।
- फरवरी 2026 में बीना को भारत का वीजा मिला, भरतपुर में ससुराल पहुँची।
- पहला करवा चौथ व्रत रखकर पति की लंबी उम्र और दो देशों के बीच प्रेम का जश्न मनाया।
समाज और मीडिया की प्रतिक्रिया
बीना‑आकाश की लव स्टोरी को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली। कई उपयोगकर्ताओं ने इस रिश्ते को दो देशों के बीच सांस्कृतिक पुल के रूप में सराहा और बीना के करवा चौथ के समर्पण को प्रेरणादायक बताया। इस कहानी ने यह भी दिखाया कि व्यक्तिगत प्रेम और पारिवारिक बंधन कूटनीतिक तनावों से ऊपर उठ सकते हैं।
भविष्य की योजना
बीना ने बताया कि वह भारत में अपने नए जीवन को स्थापित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं। वह अपने पेशेवर करियर को जारी रखने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परम्पराओं को अपनाने की योजना बना रही हैं। आकाश भी अपने परिवार के साथ मिलकर बीना को सहज महसूस कराने के लिए विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
यह कहानी न केवल दो दिलों की मिलन की दास्तान है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रेम, समझ और धैर्य से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी पार किया जा सकता है।




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