मुंबई की मेयर रितु तावड़े पर कोर्ट ने ₹1,000 का जुर्माना लगाया, वारंट जारी करने की चेतावनी
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मुंबई की मेयर रितु तावड़े को अदालत ने 10 साल पुराने मारपीट मामले में गैर‑हाजिरी के कारण ₹1,000 का जुर्माना लगाया। साथ ही जज ने चेतावनी दी कि यदि वह अगली सुनवाई में नहीं आतीं तो वारंट जारी किया जा सकता है और उनके जमानत बॉन्ड रद्द किए जा सकते हैं।
केस की पृष्ठभूमि
यह मामला 29 जुलाई 2016 को वकोला इलाके में बंबई नगर निगम (BMC) द्वारा चलाए जा रहे उर्दू‑मीडियम स्कूल में हुआ। उस समय रितु तावड़े कॉर्पोरेटर थीं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि उन्होंने और छह अन्य लोगों ने स्कूल में घुसकर कैंसर से पीड़ित एक शिक्षक के ट्रांसफर को लेकर स्कूल प्रबंधन के साथ तीखी बहस की। बहस के दौरान प्रबंधन के साथ बदसलूकी और दो अन्य शिक्षकों के साथ मारपीट की भी FIR दर्ज की गई। FIR 11 अगस्त 2016 को दर्ज हुई थी।
कोर्ट की कार्यवाही
एडिशनल सेशंस जज जी.जी. भंसाली ने बताया कि चार्जशीट 2017 में दाखिल हुई, लेकिन अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में आरोप तय होने की संभावना है। जज ने कहा कि रितु तावड़े और दो अन्य आरोपियों का बार‑बार गैर‑हाजिर रहना मुकदमे को लंबा खींचने का संकेत है।
पहले की सुनवाई में मेयर पर ₹300 का जुर्माना लगाया गया था, जब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मांगी थी। इस बार, जब तावड़े और दो अन्य आरोपियों ने फिर से पेशी से छूट का अनुरोध किया, तो जज ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली, पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना एक सप्ताह के भीतर सरकारी खजाने में जमा करना होगा।
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वारंट जारी करने की चेतावनी
जज ने स्पष्ट किया कि 2 नवंबर को निर्धारित अगली सुनवाई में आरोपियों की मौजूदगी अनिवार्य है। यदि वे उपस्थित नहीं होते, तो कोर्ट वारंट जारी करेगा और उनके जमानत बॉन्ड रद्द कर देगा। आरोप तय होने के बाद, आरोपी स्थायी छूट के लिए पुनः आवेदन कर सकते हैं।
पक्षों के बयान
रितु तावड़े की वकील दुर्गा राजपूत ने कहा कि मेयर मुंबई की ‘प्रथम नागरिक’ होने के नाते उनका शेड्यूल बहुत व्यस्त रहता है और उन्हें BMC द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेना पड़ता है। दो अन्य आरोपियों ने भी कहा कि वे समाजसेवक हैं और उनका शेड्यूल व्यस्त है। एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर इकबाल सोलकर ने तर्क दिया कि यह मामला कई साल पुराना है और आरोपी जानबूझकर कोर्ट में पेश होने से बच रहे हैं।
मुख्य बातें
- रितु तावड़े पर 10 साल पुराने मारपीट मामले में गैर‑हाजिरी के कारण ₹1,000 का जुर्माना लगाया गया।
- जज ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई (2 नवंबर) में न उपस्थित होने पर वारंट जारी किया जाएगा।
- पहले की सुनवाई में ₹300 का जुर्माना लगाया गया था, जब मेयर ने व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी।
- अभियोजन पक्ष का आरोप है कि 2016 में स्कूल में ट्रांसफर विवाद के दौरान मारपीट हुई।
- जुर्माना एक सप्ताह के भीतर सरकारी खजाने में जमा करना होगा; नहीं तो अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।




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