मेरठ सर्पदंश हत्याकांड में रविता‑अमरदीप को मृत्युदंड की सजा
2 मिनट में पढ़ें

मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात में हुए सर्पदंश दिखाने वाले हत्याकांड में अदालत ने आरोपी रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे‑12) की अदालत में सुनाया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की 2026 में मृत्यु को प्रारम्भ में सर्पदंश बताया गया। परिवार को बताया गया कि बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया था, जिससे वह काटकर मर गया। लेकिन पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हत्या थी।
अभियोजन का मामला
अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिनमें हत्या के समय की परिस्थितियों, सांप को बिस्तर पर रखने की योजना और बाद में साक्ष्य मिटाने के प्रयास शामिल थे। गवाहों के अनुसार, रविता ने अपने पति की हत्या के बाद अमरदीप के साथ मिलकर सांप को बिस्तर पर छोड़ दिया, ताकि मौत को सर्पदंश दिखाया जा सके।
अदालत का फैसला
न्यायालय ने दोनों को पहले ही हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया था। इस सुनवाई में सौरभ की मां सहित कई रिश्तेदार भी उपस्थित थे। अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए कहा कि हत्या की योजना पूर्वनिर्धारित थी और सामाजिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाली यह कार्रवाई कड़ी सजा के योग्य है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- अमित कश्यप की हत्या को सर्पदंश दिखाने की कोशिश की गई।
- रविता और अमरदीप को हत्या एवं साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया गया।
- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
- मामले में 12 गवाहों ने गवाही दी।
- पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि की।
भविष्य में संभावित प्रभाव
इस फैसले से समान प्रकार के अपराधों में कड़ी सजा के उदाहरण स्थापित होते हैं। न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों की भूमिका और पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट की महत्ता को भी यह मामला उजागर करता है।




टिप्पणियाँ
0