लखनऊ में शिवा शर्मा की मौत का रहस्य: 6 घंटे की पूछताछ के बाद श्रद्धा दुबे ने चुप्पी तोड़ी
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लखनऊ के हजरतगंज में 9 अक्टूबर को व्यापारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत को लेकर पुलिस ने अब तक की सबसे लंबी पूछताछ की। मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से लखनऊ लाकर हजरतगंज कोतवाली थाने में 6 घंटे तक पूछताछ की गई, परन्तु श्रद्धा ने अपने वकील से बात करने की मांग की और कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
पूछताछ की प्रमुख बातें
पूछताछ में डीसीपी, तीन एसीपी, एडीसीपी, एसटीएफ और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। तीनों आरोपियों से अलग‑अलग पूछताछ की गई और घटना के क्रम, उपस्थित लोगों की भूमिका, और घटना के बाद की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
मुख्य प्रश्न जो पूछे गए
- 9 अक्टूबर की शाम फ्लैट में कौन‑कौन मौजूद था?
- शिवा के गिरने से ठीक पहले क्या हुआ?
- यदि आत्महत्या थी तो क्या श्रद्धा, रश्मि या दानिश ने रोकने की कोशिश की?
- पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई?
- शिवा को अस्पताल ले जाने के बाद श्रद्धा ने वहाँ से क्यों चली गई?
- घटना के बाद श्रद्धा ने सबसे पहले किसे फोन किया?
कैश और मोबाइल की बरामदगी
पूछताछ के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों से मोबाइल फोन और नकदी बरामद की। विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की गई कि ATM या UPI के बिना कैश कैसे आया। इस पर श्रद्धा ने कोई जवाब नहीं दिया और बार‑बार वकील से बात करने की मांग की।
फॉरेंसिक और डिजिटल जांच
सभी बरामद वस्तुओं की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मोबाइल, ऑडियो‑वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज को डिजिटल फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है, जिससे घटना के क्रम और संभावित साजिश के संकेत मिल सकते हैं।
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जेल में पेशी और न्यायिक हिरासत
पूछताछ के बाद तीनों को लखनऊ के सिविल अस्पताल में 35 मिनट तक मेडिको‑लीगल जांच करवाई गई। जांच के बाद उन्हें अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलवान कुमार भारती के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। कोर्ट के बाहर निकलते समय श्रद्धा ने मीडिया के कैमरों से बचने की कोशिश में हाथ जोड़ लिए, जो दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
पुलिस की आगे की रणनीति
पुलिस ने बताया कि अब तीन मुख्य चुनौतियों पर काम किया जाएगा:
- 9 अक्टूबर की शाम के घटनाक्रम को स्पष्ट करना।
- श्रद्धा, रश्मि और दानिश के बयानों को उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाना।
- डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच से यह पता लगाना कि घटना से पहले और बाद में क्या हुआ।
यदि आवश्यक हुआ तो पुलिस रिमांड लेकर अतिरिक्त पूछताछ भी कर सकती है।
शिवा की मौत: आत्महत्या या हत्या?
शिवा शर्मा की माँ रंजना शर्मा ने श्रद्धा के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई है, जबकि श्रद्धा ने कहा है कि शिवा ने खुदकुशी की थी। इस विरोधाभास को सुलझाने के लिए पुलिस साक्ष्य‑आधारित जांच जारी रखेगी।
प्यार‑धोखा के एंगल की भी पड़ताल
शिवा और श्रद्धा के बीच के रिश्ते, उनके बीच के संभावित विवाद और ऑडियो‑वीडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता भी जांच के हिस्से में हैं। पुलिस यह निर्धारित करना चाहती है कि व्यक्तिगत संबंधों ने इस घटना में कोई भूमिका निभाई या नहीं।
फरारी, नेपाल‑नागपुर तक की कड़ियां
शिवा की मौत के बाद श्रद्धा लखनऊ से फरारी कर नेपाल गई और फिर नागपुर लौट आई। पुलिस इस मार्ग, मदद करने वालों और खर्चों के स्रोत की भी जांच कर रही है।
निष्कर्ष
वर्तमान में पुलिस ने कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला है। सभी उपलब्ध साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और बयानों का मिलान करके ही यह तय होगा कि शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या हत्या।




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