लखनऊ में पार्किंग विवाद में 3 लोगों की हत्या करने वाले पूर्व मर्चेंट नेवी अफसर ऋषभ शुक्ला की प्रोफ़ाइल
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लखनऊ के सआदतगंज में एक मामूली पार्किंग विवाद अचानक त्रासदी में बदल गया, जब 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला ने अपने पड़ोसियों को गोली मारकर तीन लोगों की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि शुक्ला पहले मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर के पद पर कार्यरत थे, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था।
ऋषभ शुक्ला की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, ऋषभ शुक्ला सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला में रहता है। वह पहले मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर के रूप में नियुक्त थे, परन्तु बाद में उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया। शुक्ला की शादी नहीं हुई थी और वह अपनी माँ के निधन के बाद अपने पिता के साथ रहता था।
घटना का क्रम
सोमवार सुबह लगभग 10:35 बजे, तिवारी परिवार के शंभू तिवारी ने बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास अपनी कार खड़ी की। इस बात पर ऋषभ शुक्ला ने शंभू से टकराव शुरू किया। पहले शंभू को गोली मारने के बाद, शोर सुनकर बाहर आए उनके बड़े भाई शिवाजी तिवारी को भी शुक्ला ने गोली मार दी। फिर शिवाजी के बेटे सुयश, जो घर के पास सीढ़ियों पर आया, उसे भी गोली मार दी गई।
पीड़ितों की पहचान
- शिवाजी तिवारी – बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, पूर्व RSS जिला कार्यवाह।
- शिवेंद्र तिवारी – लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत, घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ गया।
- सुयश तिवारी – बिजली के सामान का व्यापारी, शादी की तैयारियां चल रही थीं; 5 दिसंबर को शादी तय थी।
पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद
शुक्रवार से ही ऋषभ शुक्ला और तिवारी परिवार के बीच चबूतरे को लेकर तनाव बना हुआ था। लगभग डेढ़ महीने पहले भी इसी मुद्दे पर मामला सआदतगंज थाने तक पहुंचा था, जिसे पुलिस ने नगर निगम का मामला बताया था और चबूतरा निर्माण कार्य रोक दिया गया था। हालांकि, दोनों परिवारों के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था, जिससे सोमवार की सुबह फिर से झगड़ा उत्पन्न हुआ।
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पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पार्किंग विवाद को ही हत्या का कारण माना गया। पुलिस ने ऋषभ शुक्ला को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया और तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। अब पुलिस परिवार के बयानों, प्रत्यक्षदर्शियों के गवाहियों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
मुख्य बातें
- ऋषभ शुक्ला, 30 वर्ष, पूर्व मर्चेंट नेवी नेविगेशन अफसर, नौकरी से निकाले जाने के बाद लखनऊ में रहता था।
- पार्किंग विवाद के दौरान शंकु शंकु टकराव में तीन लोगों (शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी, सुयश तिवारी) की गोली मार कर हत्या हुई।
- घटना के पहले भी चबूतरे को लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव रहा, जिसे पहले पुलिस ने नगर निगम का मामला बताया था।
- पुलिस ने आरोपी को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया; तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
यह मामला लखनऊ में पड़ोसियों के बीच छोटे विवाद के कारण उत्पन्न हुई हिंसा की गंभीरता को उजागर करता है और भविष्य में ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए त्वरित एवं प्रभावी उपायों की आवश्यकता पर बल देता है।




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