कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल गिरने से 19 मौतें, चश्मदीदों ने बताया भयावह स्थिति
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा के पंडाल के एक हिस्से के गिरने से 19 लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए। घटना चोरबागान में हुई, जहाँ हजारों श्रद्धालु एकत्रित थे। पंडाल गिरते ही भीड़ में भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग नीचे गिरते हुए देखे गये।
घटना का क्रम
एक स्थानीय चश्मदीद के अनुसार, पंडाल का हिस्सा गिरते ही लोगों में दहशत फैल गई। “मेरे सामने लोग पड़े थे,” वह कहता है, और बताता है कि गिरते पंडाल के ऊपर से भीड़ गुजरती रही, जिससे कई लोग एक के ऊपर एक दबे। एक अन्य गवाह ने कहा कि पाँच लोग उसके सामने गिर पड़े थे और आसपास का माहौल डर और भ्रम से भर गया था।
सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल
घटने के बाद कई गवाहों ने सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पंडाल गिरने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई पर्याप्त उपाय नहीं किए गये थे। एक गवाह ने कहा कि पुलिस की एक गाड़ी घटनास्थल के पास खड़ी थी, परंतु घायल लोगों की मदद करने वाला कोई नहीं था।
स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था नहीं थी, जिससे कई घायलों को तुरंत उपचार नहीं मिल सका।
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पीड़ितों की मदद और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। राज्य के मुख्यमंत्री ने घायल लोगों के इलाज के लिए अस्पतालों का दौरा किया। चोरबागान सर्वजनिन पूजा मंडप को तुरंत बंद कर दिया गया। राज्य सरकार ने घटना के संबंध में एक हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है, जिससे पीड़ितों के परिवारों को सहायता मिल सके।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “कोलकाता में मची भगदड़ अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।”
मुख्य बातें
- कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिरा।
- घटना में 19 लोगों की मौत और कई घायल हुए।
- चश्मदीदों ने बताया कि पंडाल गिरते ही भगदड़ मची, लोग एक के ऊपर एक दबे।
- पुलिस की गाड़ी मौजूद थी, परंतु घायल लोगों की मदद नहीं की गई।
- एंबुलेंस की अनुपस्थिति पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए।
- राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया।
- प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने शोक व्यक्त किया।
घटना की पूरी जांच के बाद सुरक्षा मानकों को सख्त करने और बड़े धार्मिक आयोजनों में आपातकालीन व्यवस्था को सुनिश्चित करने की मांग बढ़ रही है।




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