कोलकाता चोरबागान दुर्गा पंडाल में भगदड़: 19 मौत, 35 घायल, STF जांच शुरू
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कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक पंडाल में दुर्गा पूजा की सप्तमी की शाम भगदड़ ने शहर को हिला कर रख दिया। घटना में 19 लोगों की मौत और 35 घायल हुए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई। इस आपदा के बाद पंडाल की पूजा को रोक दिया गया और पुलिस ने आयोजकों व निजी सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में ले लिया।
घटना का क्रम
सप्तमी की शाम मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी भीड़ चोरबागान पंडाल में इकट्ठा हुई। उसी समय तेज बारिश शुरू हुई, जिससे पंडाल के अंदर भीड़भाड़ और धुंधली दृश्यता के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को रात 8:20 बजे इस घटना की सूचना मिली। उन्होंने TV9 बांग्ला के मैनेजिंग डायरेक्टर अमृतांशु भट्टाचार्य को फोन पर विस्तृत जानकारी दी।
इंचार्ज ACP से प्राप्त सूचना के बाद पंडाल में माइक्रोफोन से घोषणा की गई, परन्तु घोषणा के दौरान भीड़ और अधिक इकट्ठा हो गई। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की, परन्तु भारी भीड़ और संकरे मार्गों के कारण नियंत्रण मुश्किल रहा।
सरकारी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने तुरंत STF (स्पेशल टास्क फोर्स), फोरेंसिक टीम और दमकल विभाग को इस घटना की शुरुआती जांच सौंप दी। CCTV फुटेज एकत्रित किया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी कमी की जाँच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के बाद ही पंडाल को दोबारा खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
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घटना के बाद राज्य सरकार ने कोलकाता की कई बड़ी दुर्गा पूजाओं, जिनमें ताला प्रत्यय और चेतला अग्रणी पंडाल शामिल हैं, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री की नसीहत
शुभेंदु अधिकारी ने शहर में बड़े स्तर पर दुर्गा पूजा आयोजित करने वाली समितियों को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कई पंडालों में भारी भीड़, थीम‑आधारित सजावट, कम रोशनी और संकरे रास्तों जैसी स्थितियों की जांच की गई है।
पीड़ितों की सहायता
घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों से मिलने, मुआवजे की घोषणा करने और पीड़ित परिवारों के साथ सरकार की पूरी मदद करने का आश्वासन दिया।
मुख्य बातें
- घटना स्थल: चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पंडाल, कोलकाता
- मृत्यु: 19 लोग
- घायल: 35 लोग, जिनमें से एक गंभीर स्थिति में
- पंडाल की पूजा: तुरंत रोक दी गई
- हिरासत: आयोजकों और निजी सुरक्षा कर्मियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
- जांच: STF, फोरेंसिक टीम और दमकल विभाग को सौंपा गया
- सरकारी कदम: बड़ी दुर्गा पूजाओं पर सख्त नियंत्रण, प्रमुख नेताओं के कार्यक्रम रद्द
- मुख्यमंत्री का संदेश: सुरक्षा व्यवस्था में कमी न रहने दें, भविष्य में पंडाल खोलने से पहले पूरी जाँच आवश्यक
आगे की प्रक्रिया
जांच के दौरान CCTV फुटेज, सुरक्षा कर्मियों के बयान और पंडाल की संरचनात्मक जांच की जाएगी। यदि सुरक्षा में कोई लापरवाही सिद्ध होती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने एक फैक्ट‑फाइंडिंग टीम भी गठित की है, जो घटना की विस्तृत पड़ताल करेगी।
इस दुखद घटना ने सार्वजनिक समारोहों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की महत्ता को फिर से उजागर किया है। अधिकारियों ने सभी आयोजकों से अपील की है कि वे भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।




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