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खुर्जा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित, 256 मरीजों की हुई जांच
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खुर्जा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित, 256 मरीजों की हुई जांच मुख्य विवरण स्थान: खुशी मैरिज होम, खुर्जा, बुलंदशहर समय: सुबह…
खुर्जा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित, 256 मरीजों की हुई जांच
मुख्य विवरण
- स्थान: खुशी मैरिज होम, खुर्जा, बुलंदशहर
- समय: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
- सहयोग: डॉ. श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पिटल, दरियागंज, दिल्ली
- उपलब्धि: 256 मरीजों का नेत्र परीक्षण, जिनमें से 63 मरीजों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई जिनका ऑपरेशन मंगलवार को दिल्ली में निशुल्क किया जाएगा।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- शुभारंभ: शिविर की शुरुआत मुफ़्ती मुमताज अली कासमी (पूर्व अध्यक्ष) द्वारा कुरान पाक की तिलावत के साथ हुई। खुर्जा के तहसीलदार जतिन गोस्वामी ने फीता काटकर शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया।
- अतिथियों की उपस्थिति: कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसाइटी के सदर हाजी बशीर अहमद कुरैशी ने की, जबकि संचालन प्रोग्राम कन्वीनर व प्रवक्ता डॉ. शान मोहम्मद ने किया। खुर्जा नगर पालिका की अध्यक्षा श्रीमती अंजना भगवान दास सिंघल ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शिरकत की।
- सोसाइटी के कार्य: सेक्रेटरी डॉ. अमीनुद्दीन ने बताया कि खुर्जा वेलफेयर सोसाइटी शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक कुरीतियों को रोकने और स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए बहुआयामी दिशा में काम कर रही है। यह सोसाइटी का सातवां नेत्र शिविर है, और अब तक 250 से अधिक मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन कराए जा चुके हैं।
- तहसीलदार का संदेश: तहसीलदार जतिन गोस्वामी ने गरीब मरीजों की सेवा को सबसे बड़ा पुण्य बताया। साथ ही, बच्चों और युवाओं को मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हुए कहा कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों की नसें कमजोर होती हैं और शिक्षा में रुकावट आती है। उन्होंने सोसाइटी के हर नेक काम में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
- ऑपरेशन की व्यवस्था: डॉ. शान मोहम्मद ने जानकारी दी कि मोतियाबिंद से पीड़ित सभी 63 मरीजों के आने-जाने, रहने और ऑपरेशन का पूरा खर्च खुर्जा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा उठाया जाएगा।
प्रमुख सहभागिता एवं संचालन टीम
इस सफल आयोजन में कोषाध्यक्ष अफज़ल अहमद एडवोकेट, उपाध्यक्ष हाजी शफ़ीक़ राईन, जुबैर अहमद सिद्दीक़ी, संयुक्त सचिव जैदुल्लाह ख़ान, तारिक़ हुसैन, मेराज सैफ़ी, सरताज चौहान, डॉ. अख़्तर अली सिद्दीक़ी, एजाज़ अहमद एडवोकेट, डॉ. इनामउल्लाह ख़ान, क़ारी रिज़वान क़ासमी, नवेद फ़रीदी, मो. काशिफ़, इरफ़ान अंसारी, मो. शोएब अहमद, डॉ. एजाज अहमद और फार्मासिस्ट शोएब सगीर अहमद सहित अन्य सदस्यों ने सराहनीय योगदान दिया।
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