कटिहार में शाहरुल अपहरण-हत्याकांड: छह दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा
2 मिनट में पढ़ें

कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र में 2022 में हुए शाहरुल अपहरण‑हत्याकांड में अदालत ने छह आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 50 लाख रुपये की फिरौती न मिलने पर हत्या कर शव महानंदा नदी में फेंक दिया गया था, यह तथ्य अब न्यायिक प्रक्रिया के अंत में स्पष्ट हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
शाहरुल, आजमनगर निवासी मोहम्मद शकील का पुत्र, 30 जनवरी 2022 को लापता हुआ। उसके लापता होने की सूचना पर परिजनों ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्रारम्भिक खोज में कोई संकेत नहीं मिला और 1 फरवरी 2022 को मामले में आगे की प्राथमिकी दर्ज की गई।
अपहरण का खुलासा
पुलिस की जांच में पता चला कि एक अनाम फोन कॉल के माध्यम से शाहरुल को मिलने के लिए बुलाया गया था। इस कॉल को जांच का प्रमुख सुराग माना गया और आगे की जाँच में छह लोगों की संलिप्तता उजागर हुई।
फिरौती की माँग और हत्या
शाहरुल के अपहरण के बाद आरोपियों ने उसके परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती की माँग की। फिरौती न मिलने पर शाहरुल की हत्या कर दिया गया और उसका शव महानंदा नदी में फेंक दिया गया।
आपके लिए संबंधित खबरें
न्यायिक प्रक्रिया और फैसला
अपर लोक अभियोजक रामविलास पासवान के अनुसार, मामले में चार साल तक कानूनी प्रक्रिया चली। अपर सत्र न्यायाधीश पंचम विजेंद्र कुमार की अदालत ने सभी छह आरोपियों—मोहम्मद गुलजार, प्रताप सिंह, मोहम्मद इमाम, विभीषण सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह और शेखर सिंह—को दोषी करार दिया। सभी आरोपी आजमनगर थाना क्षेत्र के दिघलिया गांव के निवासी हैं।
अदालत ने प्रत्येक आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला शाहरुल के परिवार के लिए न्याय की आशा को पुनः स्थापित करता है।
मुख्य बातें
- शाहरुल का अपहरण 30 जनवरी 2022 को दर्ज हुआ, फिरौती 50 लाख रुपये की माँगी गई।
- फिरौती न मिलने पर हत्या कर शव महानंदा नदी में फेंका गया।
- छह आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
- सभी आरोपी आजमनगर थाना क्षेत्र के दिघलिया गांव के निवासी हैं।
- कानूनी प्रक्रिया लगभग चार साल चली, अंतिम फैसला 2026 में दिया गया।
कटिहार में इस प्रकार के गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त सजा का उदाहरण न्यायिक प्रणाली की दृढ़ता को दर्शाता है। यह निर्णय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ भविष्य में समान अपराधों को रोकने की चेतावनी भी देता है।




टिप्पणियाँ
0