झारखंड में अंधविश्वास के विवाद में भाई ने दो बहनों की कुल्हाड़ी से हत्या, खुद थाने में आत्मसमर्पण
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झारखंड के धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के रावताड़ा पंचायत के बाबईदा गांव में अंधविश्वास और तंत्र‑मंत्र से जुड़ी एक विवाद के बीच दो महिलाओं की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वरूप टुडू उर्फ चिंटू ने अपनी दो सगी बहनों – दुलारी सोरेन (55) और लक्ष्मी मांडी (50) – को कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी और फिर खुद धालभूमगढ़ थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
घटना का क्रम
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, स्वरूप टुडू कई दिनों से बीमार चल रहा था। बीमारी के इलाज के लिए उसने रविवार रात अपने घर पर एक तांत्रिक को बुलाया। तांत्रिक के साथ तंत्र‑मंत्र और झाड़‑फूंक की प्रक्रिया चल रही थी। उसी दौरान उसकी दोनों बड़ी बहनें भी घर पहुंची और प्रक्रिया देख रही थीं। देर रात दोनों बहनें सोने के लिए अपने कमरे में चली गईं।
जब बहनें सो रही थीं, तो स्वरूप ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाकर उन पर हमला किया। दोनों महिलाओं की चोटें इतनी गंभीर थीं कि वे तुरंत मृत्यु को प्राप्त हो गईं। शवों को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
आत्मसमर्पण और पुलिस कार्रवाई
हत्या के बाद स्वरूप टुडू ने मौके से भागने के बजाय धालभूमगढ़ थाने का रुख किया। थाने में पहुंचते ही उसने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को भी जब्त किया। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और जांच के तहत कई गवाहों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक हत्या के कारण की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है, पर प्रारंभिक जानकारी में अंधविश्वास और तंत्र‑मंत्र से जुड़ी विवाद की संभावना जताई गई है।
मुख्य बातें
- स्थान: धालभूमगढ़ थाना, रावताड़ा पंचायत, बाबईदा गांव, झारखंड
- पीड़ित: दुलारी सोरेन (55) और लक्ष्मी मांडी (50)
- आरोपी: स्वरूप टुडू उर्फ चिंटू
- हत्या का हथियार: कुल्हाड़ी (पुलिस ने जब्त की)
- घटना का कारण: अंधविश्वास और तंत्र‑मंत्र से जुड़ी विवाद (अभी जांच जारी)
- आत्मसमर्पण: आरोपी ने स्वयं धालभूमगढ़ थाने में जाकर पुलिस को सूचना दी और गिरफ्तार हुआ
- जांच: पोस्टमार्टम, गवाह बयान, साक्ष्य संग्रह के साथ आगे बढ़ रही है
स्थानीय प्रतिक्रिया और सामाजिक प्रभाव
एक ही परिवार की दो महिलाओं की हत्या ने गाँव में गहरा शोक और चिंता का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों ने इस घटना को अंधविश्वास के खतरों की ओर इशारा किया है और तंत्र‑मंत्र के प्रयोग पर कड़ी निंदा की है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि हत्या के सभी पहलुओं की जांच जारी है। तांत्रिक के साथ हुई प्रक्रिया, कुल्हाड़ी की उत्पत्ति, और स्वरूप टुडू के मनोवैज्ञानिक स्थिति की जांच की जा रही है। साथ ही, अंधविश्वास से जुड़े किसी भी अन्य व्यक्ति या समूह की पहचान करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जांच के परिणामों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले की सच्ची वजह का खुलासा किया जाएगा।




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