इंडिया ब्लॉक का हल्ला बोल… बिहार से जम्मू तक CEC ज्ञानेश कुमार पर विरोध
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गुरुवार को भारत के कई राज्यों में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। दिल्ली, बिहार, राजस्थान, जम्मू‑कश्मीर और कर्नाटक सहित कई जगहों पर कांग्रेस‑समर्थक समूहों ने उनके इस्तीफे की मांग की, पुतले जलाए और सड़कों को धरनास्थल बना दिया।
मुख्य प्रदर्शन स्थल और घटनाएँ
दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने राजघाट (महात्मा गांधी स्मृति स्थल) में धरना दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाग्दे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया से बात करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसी दिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कनॉट प्लेस के एक रेस्टोरेंट में लंच किया, फिर बसों में सवार होकर राजघाट की ओर रवाना हुए।
बिहार में पटना में प्रदर्शन के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया। लखनऊ‑प्रयागराज‑वाराणसी मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के पुतले को जलाया और नारेबाजी की। राजस्थान और जम्मू‑कश्मीर में भी समान विरोधी रैलियाँ हुईं।
बेंगलुरु में विरोध
दिल्ली से लगभग 2100 किलोमीटर दूर बेंगलुरु में CJP (सिविल जस्टिस प्रोफेसर) ने आयोजित प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज, यू‑ट्यूबर ध्रुव राठी सहित कई लोग शामिल हुए। उन्होंने भी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और SIR (सुपर इंटेग्रिटी रेज़ॉल्यूशन) के पीड़ितों के लिए ‘जनता की अदालत’ का आयोजन किया।
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सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी कार्रवाई
विरोधी प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र ने दिल्ली में सुरक्षा को कड़ा किया। जंतर‑मंतर 2.0 पर 23,000 केंद्रीय बलों की तैनाती, 221 कंपनियों की अतिरिक्त व्यवस्था, और 20,000 दिल्ली पुलिस जवानों को तैनात किया गया। सीसीटीवी, फेस‑रिकग्निशन (FRS) कैमरे और मल्टी‑लेयर बैरिकेडिंग लागू की गई।
नई दिल्ली के सभी मेट्रो स्टेशन बंद करने, बाजारों को आवश्यकतानुसार बंद करने और धारा 163 के तहत सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई गई। उत्तर प्रदेश में भी ज्ञानेश कुमार के आवास‑दफ़्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई, जहाँ Z‑श्रेणी सुरक्षा के अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
विपक्ष और सरकार के बीच टकराव
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के सभी सदस्य “कानून के कटघरे में” उन चार लोगों (नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार, मोहन भागवत) को लाने की गारंटी देते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बीजेपी सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। वहीं, बीजेपी महिला मोर्चा ने कांग्रेस‑समर्थकों के खिलाफ काउंटर प्रदर्शन किया, और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
पूर्व जजों का खुला पत्र
कुछ पूर्व जजों और संवैधानिक संस्थाओं के पूर्व सदस्य ने खुला पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से सबूत‑आधारित जांच की मांग की। उन्होंने लोकतंत्र में संस्थानों की स्वतंत्रता और पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।
मुख्य बातें
- दिल्ली, बिहार, राजस्थान, जम्मू‑कश्मीर और कर्नाटक में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर बड़े विरोध प्रदर्शन हुए।
- राजघाट, जंतर‑मंतर, पटना, लखनऊ‑प्रयागराज‑वाराणसी मार्ग और बेंगलुरु में पुतले जलाए और नारेबाजी की गई।
- दिल्ली में 23,000 केंद्रीय बल, 221 कंपनियों और 20,000 पुलिस जवानों सहित कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू।
- न्यू दिल्ली के सभी मेट्रो स्टेशन बंद करने, बाजारों को बंद करने और धारा 163 के तहत सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध की संभावना।
- बीजेपी महिला मोर्चा ने काउंटर प्रदर्शन किया; बीजेपी प्रवक्ता ने मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा बताया।
- पूर्व जजों ने चुनाव आयोग से सबूत‑आधारित जांच और संस्थानों की स्वतंत्रता की अपील की।




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