भारत-अमेरिका व्यापार समझौता फाइनल होने के कगार पर, रुबियो ने पुष्टि की
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 19 अक्टूबर को मीडिया से बात करते हुए पुष्टि की कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता फाइनल होने के बहुत करीब है। इस बयान के साथ ही उन्होंने रूसी तेल और गैस की खरीद पर लगाए गए प्रतिबंधों में हाल ही में दी गई छूट का भी उल्लेख किया।
व्यापार समझौते की प्रगति
रुबियो ने कहा, “हम अभी भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसके बहुत करीब हैं।” यह टिप्पणी तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी ईंधन पर लगाए गए कई प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से टालने का निर्णय लिया था। व्यापार समझौते की संभावित फाइनलाइज़ेशन से दोनों देशों के व्यापारिक टर्नओवर में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, लेकिन स्रोत में विशिष्ट आँकड़े नहीं दिए गए हैं।
रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट
रुबियो ने बताया कि “पिछले कुछ महीनों में हमें प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है, क्योंकि इसका असर वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा था। हमें इन सभी चीजों को संभालना पड़ता है।” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूटों पर राष्ट्रपति ट्रम्प के निर्णयों में इस आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखा जाता है।
रुबियो का भारत दौरा
रुबियो वर्तमान में उज्बेकिस्तान में हैं और मंगलवार को मुंबई पहुंचेंगे। मुंबई में वे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनका जामनगर दौरा तय है, जहाँ वे रिलायंस इंडस्ट्रीज की दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का निरीक्षण करेंगे। जामनगर की रिफाइनरी रूसी यूराल कच्चे तेल को रिफाइन करने वाली शीर्ष तीन कंपनियों में से एक है। इस दौरे के दौरान ऊर्जा सहयोग, व्यापार संबंधों और निवेश अवसरों पर चर्चा होगी।
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मुख्य बिंदु
- मार्को रुबियो ने कहा कि भारत‑अमेरिका व्यापार समझौता फाइनल होने के बहुत करीब है।
- रुबियो ने रूसी तेल‑गैस प्रतिबंधों में हालिया छूट का उल्लेख किया।
- रुबियो का भारत दौरा मंगलवार को मुंबई से शुरू होकर जामनगर तक जाएगा।
- जामनगर में स्थित रिलायंस की रिफाइनरी रूसी यूराल कच्चे तेल को रिफाइन करने वाली शीर्ष तीन रिफाइनरियों में से एक है।
- दौरे के दौरान ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और ऊर्जा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उच्च स्तर पर वार्ता चल रही है। व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा और उसके प्रभावों पर आगे की जानकारी आने पर इस लेख को अपडेट किया जाएगा।




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