हैदराबाद में हनीट्रैप केस: 1,000 शिकार, 38 लाख रुपये की साइबर ठगी
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हैदराबाद में सोशल मीडिया के माध्यम से चलाए गए हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के बड़े साइबर अपराध में पुलिस ने पवन कुमार नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, आरोपी ने 1,000 से अधिक लोगों से चैटिंग की और लगभग 38 लाख रुपये की वसूली की है।
केस की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफ़ाइल बनाकर युवकों से दोस्ती की। धीरे‑धीरे भरोसा जीतने के बाद वह उन्हें व्हाट्सऐप पर ले जाता और वीडियो कॉल के दौरान अपनी पहचान छिपाता रहा। वह सामने वाले को कैमरा चालू करने के लिए मजबूर करता, जबकि खुद का कैमरा बंद रखता।
ब्लैकमेल की प्रक्रिया
जब पीड़ित अपना कैमरा चालू करता, तो आरोपी दूसरे मोबाइल से चुपके से उनकी रिकॉर्डिंग कर लेता। यदि पीड़ित पहले ही अश्लील तस्वीरें या वीडियो भेज चुका होता, तो वह उन्हें एक फोन में खोलकर दूसरे फोन से रिकॉर्ड कर लेता। इन रिकॉर्डिंग का उपयोग करके वह पीड़ितों को डराकर पैसे वसूलता।
पीड़ितों की प्रोफ़ाइल
पुलिस ने 82 शिकारों की पहचान की है, जिनमें डॉक्टर, कारोबारी, शिक्षक, प्राइवेट नौकरी करने वाले, डिलीवरी कर्मचारी और गिग वर्कर्स शामिल हैं। शिकार केवल भारत के विभिन्न राज्यों के नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले लोग भी थे।
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जबरदस्त सबूत
जांच में आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव बरामद किए गए। इन उपकरणों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो और फोटो का संग्रह मिला, जिससे ब्लैकमेल की सच्चाई सिद्ध हुई।
कानूनी कार्रवाई
सैदाबाद पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 358/2026 के तहत BNS की धारा 308(7), 351(2) और IT एक्ट की धारा 66C, 66D, 66E, 67A के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी ने पीड़ितों के परिवार वालों से संपर्क कर उन्हें धमकाया था।
पुलिस की सलाह
पुलिस ने लोगों को अनजान सोशल मीडिया अकाउंट से दोस्ती करते समय सावधानी बरतने, निजी तस्वीरें या वीडियो साझा न करने और किसी भी साइबर ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।
मुख्य बातें
- पवन कुमार को 1,000+ शिकारों से 38 लाख रुपये की वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- अभियुक्त ने फर्जी प्रोफ़ाइल, वीडियो कॉल चालाकी और रिकॉर्डिंग से ब्लैकमेल किया।
- पीड़ितों में डॉक्टर, शिक्षक, कारोबारी, डिलीवरी कर्मचारी और विदेश में रहने वाले लोग शामिल।
- जबरदस्त सबूत: 3 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 1 पेन ड्राइव बरामद।
- केस दर्ज: IT एक्ट की धारा 66C, 66D, 66E, 67A एवं BNS की धारा 308(7), 351(2)।
- पुलिस ने साइबर ब्लैकमेलिंग के शिकारों को तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी।




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