बाबरी मस्जिद के नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने राजनीति से संन्यास की घोषणा, रोते हुए वीडियो वायरल
3 मिनट में पढ़ें

पश्चिम बंगाल के रेजीनगर उपचुनाव के परिणाम आने के एक दिन बाद, आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता और मुर्शिदाबाद के नवादा से विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया। इस घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे आँसू भरी आवाज़ में सभी वर्गों से माफी माँगते और चुनाव में धांधली का आरोप लगाते दिखे।
संन्यास का ऐलान और वीडियो का प्रसार
हुमायूं कबीर ने बुधवार को मीडिया को दिया गया इंटरव्यू वीडियो में कहा, “मैं रेजीनगर के सभी वर्गों के लोगों से माफी मांगता हूँ। आने वाले दिनों में मैं राजनीति और हर चीज़ से हट जाऊँगा।” वह अपने भावनात्मक स्वर में यह भी जोड़ते हैं कि रेजीनगर में चुनाव के नाम पर धांधली हुई है। इस वीडियो को कई प्लेटफ़ॉर्म पर लाखों बार देखा गया और चर्चा का विषय बना।
हिरासत और चुनावी माहौल
उपचुनाव के दिन, यानी मंगलवार को, हुमायूं कबीर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उनका हिरासत में लेना तब हुआ जब उन्होंने मतदान केंद्र से निकलते समय पुलिसकर्मियों पर ‘अभद्र टिप्पणी’ करने और मतदाताओं को उकसाने का आरोप लगाया था। शाम तक उन्हें रिहा कर दिया गया, पर यह घटना उनके संन्यास के निर्णय को प्रभावित कर गई।
धांधली के आरोप और बीजेपी की जीत की भविष्यवाणी
हुमायूं कबीर ने रेजीनगर सीट पर अपने बेटे गुलाम नबी आज़ाद को उम्मीदवार के रूप में लाया था। मतदान के बाद उन्होंने कहा था कि परिणाम उसी दिन स्पष्ट हो जाएगा और बीजेपी पर धांधली का आरोप भी लगाया था। लेकिन परिणाम आने पर उन्होंने स्वीकार किया कि बीजेपी रेजीनगर में भारी बहुमत से जीतेगी। इस पर उन्होंने विधानसभा में कदम न रखने की घोषणा की और नवादा की जनता से माफी माँगी।
आपके लिए संबंधित खबरें
भविष्य की योजनाएँ
संन्यास के बावजूद, हुमायूं कबीर ने कहा कि वह मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति से स्वैच्छिक संन्यास ले रहा हूँ। ऐसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई राज्य के खिलाफ नहीं लड़ सकता।” यह बयान उनके सामाजिक कार्यों पर केंद्रित रहने का संकेत देता है।
मुख्य बातें
- हुमायूं कबीर ने रेजीनगर उपचुनाव के बाद राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया।
- वीडियो में वे रोते हुए सभी वर्गों से माफी माँगते और चुनाव में धांधली का आरोप लगाते दिखे।
- उपचुनाव के दिन उन्हें मतदान केंद्र से बाहर पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन शाम को रिहा कर दिया गया।
- उनके बेटे गुलाम नबी आज़ाद ने रेजीनगर सीट पर उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
- हुमायूं ने भविष्य में बाबरी मस्जिद के निर्माण की योजना की घोषणा की।
हुमायूं कबीर का यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकता है, क्योंकि उन्होंने कई सालों तक स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनके संन्यास के बाद पार्टी की रणनीति और आगामी विधानसभा चुनावों पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है।




टिप्पणियाँ
0