हरियाणा में बिजली हड़ताल से गुरुग्राम के उद्योगों को 10,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान
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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली सप्लाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उद्योग संगठनों के अनुसार, इस संकट के कारण केवल गुरुग्राम में ही लगभग 10,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
हड़ताल की पृष्ठभूमि और प्रभाव
21 अक्टूबर की रात 10 बजे से शुरू हुई हड़ताल के बाद गुरुग्राम, नूंह और आसपास के कई जिलों में बिजली कटौती हुई। इस दौरान उद्योगों, छोटे‑मध्यम उद्यमों (MSME) और आम नागरिकों को बिजली की कमी का सामना करना पड़ा। कई उद्योगों ने बताया कि जनरेटर चलाने पर बिजली की लागत लगभग दोगुनी हो जाती है, जिससे उत्पादन रुक गया और आर्थिक नुकसान बढ़ा।
उद्योगों पर आर्थिक प्रभाव
प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (PFTI) के चेयरमैन दीपक मैनी ने बताया कि औसत उद्योग 10‑11 रुपये प्रति यूनिट बिजली खर्च करता है, जबकि जनरेटर पर चलाने पर यह 22‑23 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ जाता है। इस अतिरिक्त खर्च को वहन करना छोटे और मझोले उद्योगों के लिए कठिन हो गया है। मारुति और होंडा जैसी बड़ी कंपनियों के पास वैकल्पिक बिजली व्यवस्था है, पर MSME के लिए यह बोझ बहुत बड़ा है।
नया वितरण लाइसेंस और कर्मचारियों का विरोध
हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम, नूंह, मानेसर, सोहना और उपनगरीय क्षेत्रों में 25 साल के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस दिया। इस निर्णय से 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को दो विकल्प मिलेंगे। लेकिन बिजली कर्मचारियों ने इस लाइसेंस को निजी कंपनी को वितरण अधिकार देने के विरोध में हड़ताल जारी रखी है।
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उद्योग संगठनों की मांग
PFTI ने हरियाणा सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली सप्लाई को शीघ्र सामान्य करने के लिए पत्र लिखा। पत्र में बताया गया कि हड़ताल के कारण कई औद्योगिक इकाइयों में कामकाज ठप हो गया, जबकि शिकायत केंद्रों से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। कुछ उपभोक्ताओं को बताया गया कि DHBVN कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली बहाल करना असंभव है।
छोटी कंपनियों की कठिनाइयाँ
रेडियस सिनर्जीज इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक डॉ. भारत भूषण ने कहा कि लंबे समय तक बिजली कटौती से उत्पादन, तैयार माल की उपलब्धता और डिलीवरी समय पर असर पड़ेगा। जनरेटर चलाने से कंपनियों का खर्च बढ़ता है, और बड़ी कंपनियां इस बोझ को कुछ हद तक सह सकती हैं, पर छोटे उद्योगों के लिए यह असहनीय है। उन्होंने सरकार और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से शीघ्र बातचीत करके समाधान निकालने का आग्रह किया।
मुख्य बातें
- हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने गुरुग्राम सहित कई जिलों में बिजली सप्लाई बाधित की।
- PFTI के अनुसार गुरुग्राम के उद्योगों को अब तक लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- जनरेटर पर चलाने से बिजली की लागत 10‑11 रुपये/यूनिट से बढ़कर 22‑23 रुपये/यूनिट हो जाती है।
- HERC ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस दिया, जिससे 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को दो विकल्प मिलेंगे।
- उद्योग संगठनों ने सरकार को बिजली सप्लाई सामान्य करने और वैकल्पिक व्यवस्था पर स्पष्ट दिशा‑निर्देश देने की मांग की।
बिजली संकट के समाधान के लिए सरकार, नियामक और कर्मचारियों के बीच संवाद आवश्यक है, ताकि उद्योगों की उत्पादन क्षमता और आम जनता की दैनिक जरूरतें दोनों सुरक्षित रह सकें।




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