गोपालगंज में बाढ़: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 11 घंटे में इंजीनियर को सस्पेंड, पीड़ितों को मुआवजा व राहत का आश्वासन
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बिहार के गोपालगंज जिले में बाढ़ के कारण कई गांव बाढ़ जल में डूबे हुए थे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, राहत कार्यों की स्थिति जाँची और तटबंध टूटने की घटना पर तेज़ कार्रवाई की।
मंत्री का क्षेत्रीय दौरा और राहत कार्यों की जाँच
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बैकुंठपुर, बंजरिया, डुमरिया और गम्हारी सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने सीधे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी तत्काल समस्याओं को सुना। मंत्री ने बताया कि बाढ़ के कारण कई परिवारों को घर से बाहर निकलना पड़ा और फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
दौरे के दौरान उन्होंने कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया। किचन में तैयार भोजन की गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को समय पर पर्याप्त और पोषक भोजन उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
फसल नुकसान और मुआवजा
बाढ़ से फसल क्षति का सामना कर रहे किसानों के लिए मंत्री ने तत्काल सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को फसल क्षति सहित अन्य अनुमन्य मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत की है। सरकार ने कहा है कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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तटबंध टूटने पर तेज़ कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि असामाजिक तत्वों द्वारा तटबंध काटे जाने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि तटबंध टूटने की घटना के महज 11 घंटे बाद संबंधित इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।
गंडक नदी का जलस्तर घटा
गंडक नदी का जलस्तर अब लगभग एक मीटर घट चुका है। शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी का स्तर घटने से तटबंधों पर दबाव भी कम हो गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज लगभग एक लाख क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड तक घट गया है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो‑तीन दिनों में जलस्तर सामान्य हो सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति में और सुधार की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की जाँच की।
- कम्युनिटी किचन में भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया और समय पर पर्याप्त भोजन की व्यवस्था का निर्देश दिया।
- फसल क्षति वाले किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर चर्चा की।
- तटबंध टूटने की घटना के 11 घंटे बाद जिम्मेदार इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया।
- गंडक नदी का जलस्तर लगभग एक मीटर घटा, जिससे तटबंधों पर दबाव कम हुआ।
- जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि अगले 2‑3 दिनों में जलस्तर सामान्य हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




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