GeM से बदली छोटे कारोबार की तस्वीर, 11.25 लाख से ज्यादा विक्रेताओं को मिले ₹7.44 लाख करोड़ के सरकारी ऑर्डर
2 मिनट में पढ़ें

भारत में छोटे कारोबार और MSME सेक्टर के लिए Government e-Marketplace (GeM) एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में उभरकर सामने आया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देशभर के 11.25 लाख से अधिक माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज ने GeM के जरिए अब तक ₹7.44 लाख करोड़ से ज्यादा के सरकारी ऑर्डर हासिल किए हैं।
MSME को मिला सरकारी खरीद में बड़ा हिस्सा
नवंबर 2025 तक के डेटा के मुताबिक, GeM प्लेटफॉर्म पर हुए कुल सरकारी लेन-देन में करीब 44.8 प्रतिशत हिस्सेदारी MSME विक्रेताओं की रही, जो कि तय 25 प्रतिशत के न्यूनतम लक्ष्य से काफी अधिक है। यह साफ संकेत देता है कि सरकारी खरीद प्रणाली में छोटे कारोबारों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
पारदर्शी और डिजिटल procurement का असर
GeM ने सरकारी खरीद को transparent, efficient और inclusive बनाया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण छोटे विक्रेताओं को बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकारी विभागों से जुड़ने का मौका मिला है, जिससे उनकी reach, revenue और credibility में इजाफा हुआ है।
रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि GeM के जरिए MSME सेक्टर को मिले ऑर्डर से स्थानीय स्तर पर रोजगार, उत्पादन और सप्लाई चेन को मजबूती मिली है। यह पहल Make in India, Digital India और Aatmanirbhar Bharat जैसे अभियानों को भी सीधा समर्थन देती है।
आपके लिए संबंधित खबरें
आगे और बढ़ेगी MSME की भागीदारी
सरकारी स्तर पर MSME-friendly policies और GeM पर लगातार जोड़े जा रहे नए फीचर्स से आने वाले समय में छोटे कारोबारों की हिस्सेदारी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।




टिप्पणियाँ
0