गौतम गंभीर ने टीम सेलेक्शन पर दिया दो टूक जवाब: “मेरा काम सबको खुश करना नहीं, सही फैसले लेना है”
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भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम सेलेक्शन को लेकर मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका काम “सबको खुश करना” नहीं, बल्कि “सही फैसले लेना” है। यह बयान न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पाँचवें और आखिरी T20I मैच से पहले आया, जब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया।
सेलेक्शन के पीछे का सिद्धांत
गंभीर ने ब्रॉडकास्टर को बताया कि हेड कोच के रूप में उनका मुख्य दायित्व टीम की निरंतर सफलता सुनिश्चित करना है। वह कहते हैं, “पहले मेरा काम सही फैसले लेना है, पॉपुलर फैसले नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि टीम की प्राथमिकताएँ बाहरी राय या सोशल मीडिया के दबाव से ऊपर होनी चाहिए।
ड्रेसिंग रूम का माहौल
कोच ने यह रेखांकित किया कि सही निर्णय लेने के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम का माहौल स्वस्थ रखना भी उनका काम है। “सही फैसले लेना और यह सुनिश्चित करना कि ड्रेसिंग रूम के अंदर सब ठीक हो, यही मेरी जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।
वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखने का कारण
सीरीज के पहले चार मैचों में भारत ने 3-1 से जीत हासिल की थी। इस जीत के बाद कई लोगों ने उम्मीद जताई थी कि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा। लेकिन पाँचवें T20I में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। गंभीर ने इस फैसले को इस प्रकार समझाया:
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- वैभव को ईशान किशन के चोटिल होने के बाद दो मैचों में मौका मिला था।
- किशन के पुनः फिट होने पर वैभव को टीम से बाहर कर दिया गया।
- गंभीर ने कहा कि “जिन खिलाड़ियों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें लंबा मौका मिलना चाहिए और वे हकदार हैं”।
यह निर्णय कुछ हद तक चौंकाने वाला था, पर कोच का मानना है कि टीम की स्थिरता और अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना आवश्यक था।
सोशल मीडिया और पॉपुलर राय का प्रभाव
गौतम गंभीर ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर टीम सेलेक्शन को लेकर बढ़ती चर्चा को वह गंभीरता से लेते हैं, परन्तु उनका मानना है कि “बाहरी राय से ऊपर टीम की प्राथमिकताएँ होनी चाहिए”। उन्होंने कहा, “पॉपुलर फैसला लेना आसान है, पर मेरा काम सही फैसला लेना है”।
मुख्य बातें
- गौतम गंभीर ने कहा, उनका काम सबको खुश करना नहीं, बल्कि सही फैसले लेना है।
- टीम सेलेक्शन में बाहरी पॉपुलर राय को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
- वैभव सूर्यवंशी को पाँचवें T20I में बाहर रखने का कारण ईशान किशन के पुनः फिट होना था।
- कोच ने ड्रेसिंग रूम के माहौल को स्वस्थ रखने को भी अपनी जिम्मेदारी बताया।
- भारत ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज 3-1 से जीत हासिल की, फिर भी अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई।
गौतम गंभीर का यह स्पष्ट बयान टीम के भविष्य के चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रदर्शन-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह संकेत देता है कि आगामी मैचों में भी चयन में निरंतरता और अनुभव को महत्व दिया जाएगा।




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