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Health

FSSAI ने स्कूल पाठ्यक्रम में पैकेज्ड फूड के चेतावनी लेबल को पढ़ाने का प्रस्ताव रखा

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 03 Oct 2026• अपडेट 03 Oct 2026
FSSAI ने स्कूल पाठ्यक्रम में पैकेज्ड फूड के चेतावनी लेबल को पढ़ाने का प्रस्ताव रखा
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शिक्षा मंत्रालय से अनुरोध किया है कि स्कूलों में पैकेज्ड फूड के फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबल (FOPNL) को पढ़ाया जाए, जिससे बच्चों में लेबल समझने की…

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शिक्षा मंत्रालय के सामने एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें स्कूल पाठ्यक्रम में पैकेज्ड फूड के फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबल (FOPNL) को पढ़ाने की अनुमति मांगी गई है। यह कदम बच्चों को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से रूबरू कराकर, लेबल पढ़ने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद तेज़ कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने पहले FSSAI को इस मुद्दे पर तेज़ी से कार्रवाई करने की फटकार लगाई थी, क्योंकि यह नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। कोर्ट की चेतावनी के बाद प्राधिकरण ने सभी प्रस्तावों का लिखित बहस (रिटन सबमिशन) दाखिल किया और चेतावनी लेबल को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की योजना प्रस्तुत की।

लेबलिंग नियमों का मसौदा और कार्यान्वयन समय‑सीमा

FSSAI ने बताया कि मसौदा नियम तैयार करने, संबंधित मंत्री की मंजूरी, WTO की 60‑दिन की नोटिस अवधि और कानून मंत्रालय की परीक्षण प्रक्रिया सहित पूरी नियामकीय प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग चार महीने लगेंगे। प्रस्तावित लेबलिंग प्रावधान 1 जुलाई से प्रभावी किए जाने की योजना है, और निर्माताओं को इस बदलाव को अपनाने के लिए कम से कम 365 दिन (एक साल) का समय दिया जाएगा।

लेबल का स्वरूप और प्रमुख चेतावनियाँ

  • पैकेज्ड फूड के प्रमुख स्थानों पर लाल षट्भुज (रेड हेक्सागन) के भीतर चेतावनी प्रदर्शित की जाएगी।
  • फ़ॉन्ट आकार पैकेट के पीछे के पोषण विवरण से कम से कम एक पॉइंट बड़ा होगा, जिससे यह अधिक स्पष्ट दिखेगा।
  • चीनी, नमक और वसा की निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा वाले उत्पादों पर चेतावनी दी जाएगी।
  • मीठे और कैफ़ीनयुक्त पेय पदार्थों के लिए विशेष चेतावनी, जिसमें पेय का नाम भी प्रदर्शित होगा, प्रस्तावित है।
  • ‘गैर‑कैलोरी स्वीटनर युक्त’ उत्पादों पर भी सामने चेतावनी लगाई जाएगी।

मुख्य बातें

  • FSSAI ने शिक्षा मंत्रालय से स्कूल पाठ्यक्रम में पैकेज्ड फूड के FOPNL को शामिल करने का अनुरोध किया।
  • सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद प्राधिकरण ने तेज़ी से लिखित बहस (रिटन सबमिशन) दाखिल की।
  • लेबलिंग नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने में लगभग चार महीने लगेंगे।
  • नए लेबल 1 जुलाई से प्रभावी होंगे; निर्माताओं को 365 दिन का संक्रमणकाल मिलेगा।
  • लेबल में चीनी, नमक, वसा, मीठे पेय और गैर‑कैलोरी स्वीटनर पर स्पष्ट चेतावनी होगी।
  • एडिटिव की सुरक्षा समीक्षा FAO, WHO, JECFA आदि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा की जाती है।

एडिटिव सुरक्षा पर प्राधिकरण का स्पष्टीकरण

प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त एडिटिव की अनुमोदन प्रक्रिया व्यापक और कठोर है। इन एडिटिव की सुरक्षा की लगातार समीक्षा FAO, WHO, JECFA और अन्य जोखिम आकलन संस्थाओं द्वारा की जाती है, और वे कोडेक्स मानकों के अनुरूप होते हैं।

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आगे का रास्ता

यदि शिक्षा मंत्रालय इस प्रस्ताव को स्वीकृत करता है, तो स्कूलों में लेबल पढ़ने के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाएगा, जिससे बच्चों में पैकेज्ड फूड के स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और दीर्घकालिक पोषण संबंधी समस्याओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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