फरीदाबाद‑तीगांव में महापंचायत ने शादी‑विवाह में सादगी के लिए कठोर नियम तय किए
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हरियाणा के फरीदाबाद के तीगांव में रविवार को आयोजित गुर्जर सभा हरियाणा और 84 पाल की महापंचायत ने शादी‑विवाह में सादगी अपनाने और सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के कई महत्वपूर्ण फैसले लिये। इस महापंचायत की अध्यक्षता हरे राम चंदिला ने की और इसमें पलवल, दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा व ग्रेटर नोएडा के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्य फैसले और सीमाएँ
महापंचायत ने शादी‑विवाह में फिजूलखर्ची रोकने के उद्देश्य से निम्नलिखित सीमाएँ तय कीं:
- भात (भोजन) में अधिकतम 21 लोग
- सगाई‑लग्न में 31 लोग
- माढ़ा झांकने (भोजन) में 11 लोग
- बारात में कुल 200 लोग
इन सीमाओं के अलावा गोद भराई और प्रीति भोज को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया।
डिजिटल कार्ड और कार्ड संख्या पर प्रतिबंध
शादी के कार्ड की संख्या को 100 तक सीमित करने और डिजिटल कार्ड अपनाने पर सहमति बनी। यह कदम कागज‑कार्ड की अनावश्यक लागत को कम करने और पर्यावरण‑सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया।
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शराब, आतिशबाजी और ट्रांसपोर्ट पर पाबंदी
महापंचायत ने शादी‑विवाह में शराब, डीजे, आतिशबाजी और ट्रांसपोर्ट (गाड़ियों) पर पाबंदी लगाई। यह निर्णय सामाजिक शोर‑शराबे को कम करने और युवा वर्ग को नशे‑जुए से दूर रखने के उद्देश्य से लिया गया।
समाज‑विशिष्ट निर्णय
पलवल की पाल बघेल, गड़रिया और पंजाबी समाज की पंचायतों ने भी समान दिशा में कदम उठाए:
- गड़रिया समाज की महापंचायत ने बारात में 51 लोग और अन्य रस्मों में 11 लोग तक सीमित करने का फैसला किया।
- मृत्यु भोज की जगह श्रद्धांजली सभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे शोकाकुल परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
- पंजाबी समाज ने मृत्यु भोज में भाग नहीं लेने का संकल्प लिया, जिससे सामाजिक खर्च में कटौती होगी।
राजनीतिक समर्थन
इस महापंचायत में मंत्री राजेश नागर ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और दिखावे की बजाय बच्चों की उच्च शिक्षा, बेटियों के जन्म पर खुशी मनाने और सीमित शादी‑व्यवस्था को अपनाने की बात कही। उन्होंने अपनी बेटी की शादी सीमित रखने और भतीजे की शादी में केवल एक रुपये लेने का ऐलान किया, जिससे सामाजिक संदेश स्पष्ट हुआ।
मुख्य बातें
- भात‑सगाई‑बारात में लोगों की संख्या पर सख्त सीमाएँ तय
- गोद भराई, प्रीति भोज, शराब‑पटाखे, डीजे और ट्रांसपोर्ट पर पाबंदी
- शादी के कार्ड 100 तक, डिजिटल कार्ड को प्रोत्साहन
- मृत्यु भोज को श्रद्धांजली सभा में बदलना
- समाज‑विशिष्ट सीमाएँ (गड़रिया, पंजाबी) भी लागू
इन निर्णयों का उद्देश्य सामाजिक खर्च को नियंत्रित करना, युवा वर्ग को नशे‑जुए से दूर रखना और पारिवारिक समारोहों में सादगी को बढ़ावा देना है। महापंचायत के ये कदम हरियाणा के अन्य क्षेत्रों में भी अनुकरणीय हो सकते हैं, जिससे व्यापक सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बढ़ेगा।




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