हिमाचल में कोलडैम क्रूज सेवा: 35 किमी का सफर 45 मिनट में, शिमला तक जलमार्ग का नया विकल्प
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हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सतलुज नदी के कोलडैम में जल्द ही क्रूज सेवा शुरू होने वाली है। इस नई जलमार्ग सुविधा से पर्यटक कोलडैम से तत्तापानी तक 35 किलोमीटर का सफर महज 45 मिनट में पूरा कर सकेंगे, जिससे शिमला तक पहुँचने का एक तेज़ और आकर्षक विकल्प उपलब्ध होगा।
क्रूज सेवा का विवरण
राज्य सरकार ने जलमार्ग पर्यटन को सड़कों के साथ जोड़ने की योजना के तहत कोलडैम में क्रूज संचालन के लिए टेंडर अलॉट कर दिए हैं। प्रस्तावित जलमार्ग 35 किमी लंबा है और क्रूज से इस दूरी को 45 मिनट में तय किया जाएगा। इस यात्रा में सड़क मार्ग की तुलना में लगभग 15 किमी की दूरी घटेगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
यात्रा का किराया
क्रूज पर यात्रा का किराया प्रति सवारी 1,000 से 2,500 रुपये के बीच रखने का प्रस्ताव है। पूरी क्रूज बुकिंग के लिए अलग दरें तय की जाएंगी, जो आगे की घोषणा में स्पष्ट होंगी।
पर्यटन सर्किट और पहुँच
क्रूज सेवा के शुरू होने के बाद चंडीगढ़‑दिल्ली की ओर से आने वाले पर्यटक जलमार्ग के माध्यम से शिमला पहुंच सकेंगे। मंडी और बिलासपुर के स्थानीय लोग भी इस जलमार्ग से शिमला तक जा सकेंगे। चंडीगढ़ से कोलडैम तक की यात्रा किरातपुर‑मनाली हाईवे के बिलासपुर जिले में बरमाणा स्थित एसीसी फैक्ट्री के पास ऐहण क्षेत्र के मार्ग से की जा सकती है। संबंधित सुरंग को पार करने के बाद कोलडैम के ऐहण इलाके तक पहुँचा जा सकता है।
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कोलडैम से तत्तापानी तक क्रूज के बाद, यात्रियों को टैक्सी या बस के माध्यम से बसंतपुर, नालदेहरा और मशोबरा होते हुए शिमला तक पहुँचाया जाएगा। इस नई जलमार्ग सुविधा से शिमला तक की यात्रा में समय की बचत के साथ-साथ हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी मिलेगा।
मुख्य बातें
- सतलुज नदी के कोलडैम में क्रूज सेवा जल्द शुरू होगी।
- कोलडैम‑तत्तापानी जलमार्ग 35 किमी, यात्रा समय 45 मिनट।
- सड़क मार्ग की तुलना में 15 किमी दूरी घटेगी।
- प्रति सवारी किराया 1,000‑2,500 रुपये, पूरी बुकिंग के लिए अलग दरें।
- चंडीगढ़‑दिल्ली, मंडी, बिलासपुर के यात्रियों को जलमार्ग से शिमला तक नया विकल्प मिलेगा।
- तत्तापानी से टैक्सी/बस द्वारा बसंतपुर, नालदेहरा, मशोबरा होते हुए शिमला तक पहुँच।
भविष्य की संभावनाएँ
यह पहल हिमाचल प्रदेश को जलमार्ग पर्यटन के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जलमार्ग को सड़कों के साथ जोड़ने से न केवल पर्यटक प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आगे चलकर राज्य में अन्य नदियों और जलाशयों पर भी समान सुविधाएँ विकसित करने की संभावना है।




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