DRDO ने 500 किमी रेंज वाली स्वदेशी ‘प्रलय’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गुरुवार सुबह 11:10 बजे ओडिशा के तट पर स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी क्वासी‑बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण में मिसाइल ने 500 किमी तक मारक क्षमता, हाइपरसोनिक टर्मिनल स्पीड और पेलोड क्षमता के सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया।
परीक्षण का विवरण
प्रलय मिसाइल का परीक्षण चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के विभिन्न रेंज उपकरणों द्वारा रिकॉर्ड किए गए डेटा से सत्यापित किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने 150 किमी से 500 किमी की रेंज में लक्ष्य तक पहुँचने की क्षमता दिखाई और लगभग Mach 5 से Mach 6.1 की हाइपरसोनिक गति हासिल की। पेलोड क्षमता 50 किलोग्राम से 1,000 किलोग्राम तक की है, जिससे यह विभिन्न प्रकार के मारक उपकरण ले जा सकती है।
तकनीकी सहयोग और विकास
‘प्रलय’ मिसाइल को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया। इस विकास में DRDO की सहयोगी कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने प्रमुख भूमिका निभाई।
उपस्थिति और मूल्यांकन
परीक्षण में DRDO के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि और भारतीय सेना, नौसेना तथा वायुसेना के अधिकारी उपस्थित थे। यह परीक्षण यूज़र इवैल्यूएशन ट्रायल (UET) का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य वास्तविक उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुसार मिसाइल की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना था। सभी डेटा ने पुष्टि की कि मिसाइल ने निर्धारित सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
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सरकारी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परीक्षण के बाद DRDO, रक्षा बलों और उद्योग सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “आधुनिक और उन्नत तकनीक से लैस यह मिसाइल भारतीय सेना की तकनीकी क्षमता को और मजबूत करेगी।” रक्षा सचिव और DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने भी टीम को बधाई देते हुए भविष्य में इस मिसाइल को सेना में शामिल करने के मार्ग को साफ कहा।
मुख्य बातें
- प्रलय मिसाइल की रेंज 150 km से 500 km, मारक क्षमता 500 km तक।
- हाइपरसोनिक टर्मिनल स्पीड Mach 5‑Mach 6.1।
- पेलोड क्षमता 50 kg‑1,000 kg।
- पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने प्रमुख सहयोग दिया।
- परीक्षण यूज़र इवैल्यूएशन ट्रायल का हिस्सा, सभी मानक सफलतापूर्वक पूरे हुए।
- रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव ने टीम को बधाई दी, सेना में शामिल करने का रास्ता साफ।
आगे का मार्ग
सफल परीक्षण के बाद ‘प्रलय’ मिसाइल को भारतीय सेना के शस्त्रागार में शामिल करने की प्रक्रिया तेज़ होगी। यह मिसाइल भविष्य के सुरक्षा खतरों से निपटने और सैन्य तैयारियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




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